जम्मू कश्मीर में नए परिसीमन पर महबूबा मुफ्ती का हमला, बोलीं- हमें मंजूर नहीं
जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग ने गुरुवार को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। आयोग की रिपोर्ट पर पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि आयोग भाजपा का एक्सटेंशन है और हमें इस पर भरोसा नहीं है।
श्रीनगर, 05 मई: जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग ने गुरुवार को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। आयोग की रिपोर्ट पर पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि आयोग भाजपा का एक्सटेंशन है और हमें इस पर भरोसा नहीं है। इस बीच भारत सरकार ने परिसीमन आयोग की सिफारिशों के आधार पर अधिसूचना जारी कर दी है।
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नागरिकों को कमजोर करने की कोशिश
परिसीमन आयोग की सिफारिशों को खारिज करते हुए पर महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आबादी की स्थिति को दरकिनार कर दिया गया है और अपने मुताबिक मनमाफिक सीमाओं में बदलाव किया गया है। यह परिसीमन, अनुच्छेद 370 हटाए जाने की बाद की प्रक्रिया का हिस्सा है। इसमें कोशिश की गई है कि कैसे जम्मू-कश्मीर के लोगों को कमजोर किया जाए। इसके अलावा कुछ भी नहीं है।

अराजक तत्वों को समर्थन दे रही बीजेपी
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आज देश के हालात 1947 जैसे बनते जा रहे हैं। यह बेहद खतरनाक है। हमारा देश सभी धर्मों के लिए समान है। विभिन्न विविधता वाले इस खूबसूरत देश की खूबसूरती इसके आपसी भाईचारे में है। अगर भाजपा इसे अपने एजेंडे के अनुसार चलाती है तो निकट भविष्य में कोई भी सुरक्षित नहीं होगा। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आज पूरे देश में जो हालात पैदा हुए हैं वह बेहद चिंता का विषय हैं। आज देश में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ जो माहौल पैदा किया गया है वो गुंडों द्वारा नहीं किया जा रहा है बल्कि भाजपा सरकार ऐसे शरारती तत्वों को पूरा समर्थन दे रही है। यह सब भाजपा सरकार के इशारे पर ही हो रहा है।

बीजेपी ने संस्थाओं को कमजोर किया
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद जहांगीरपुरी में बुलडोजर 2 से ढाई घंटे तक तबाही मचाता रहा। बीजेपी ने संस्थाओं को इस हद तक कमजोर कर दिया है कि एक नगर पालिका भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को मानने से इंकार कर देती है। महबूबा ने आगे कहा कि पिछले 3 सालों में जम्मू-कश्मीर में अत्याचार देखिए। चीजें यहीं से शुरू होती हैं और फिर देश में कहीं और फैलती हैं।

बढ़ेगी विधानसभा सीटों की संख्या
बता दें कि जम्मू-कश्मीर पर तीन सदस्यीय परिसीमन आयोग ने अपना कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले गुरुवार को विधानसभा सीटों के पुनर्निर्धारण से संबंधित अपने अंतिम आदेश पर हस्ताक्षर कर दिया। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) रंजना देसाई के नेतृत्व वाले आयोग ने केंद्र शासित प्रदेश में सीटों की संख्या 83 से बढ़ाकर 90 करने का प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में कुल 7 विधान सभा सीटें बढ़ाने की सिफारिश की है। प्रस्ताव के तहत कश्मीर क्षेत्र में 46 के बदले 47 सीट होंगी । और जम्मू क्षेत्र में 37 की जगह 43 विधानसभा सीटें होंगी।












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