PoK से 200 आतंकी कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में, सीमा पार चल रहे 35 शिविर
नई दिल्ली, 7 मई: उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को नॉर्थ टेक संगोष्ठी में हिस्सा लिया। इस दौरान उनसे कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों को लेकर सवाल पूछा गया। जिस पर ले. जनरल द्विवेदी ने कहा कि करीब 200 आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने के लिए सीमा पार इंतजार कर रहे हैं, जबकि इस साल अब तक कश्मीर में 21 विदेशी आतंकियों को ढेर किया गया। साथ ही संघर्ष विराम उल्लंघन के मामलों में भी कमी आई है।

लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि पिछले 12 महीनों में संघर्ष विराम का उल्लंघन बहुत कम ही हुआ है। केवल 2-3 बार ही ऐसा देखने को मिला, लेकिन सीमा पर आतंकियों की सक्रियता बरकरार है। वहां पर 6 बड़े आतंकी शिविर और 29 छोटे (कुल 35) शिविर सक्रिय होने की खबर है। आतंकवादी बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के लिए पाकिस्तानी सेना को दोषी ठहराते हुए लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने कहा कि पड़ोसी देश की सेना और उसकी एजेंसियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि करीब 40-50 आतंकवादी अभी घाटी के भीतरी इलाकों में सक्रिय हैं, लेकिन भारतीय सेना लगातार भटके युवाओं को मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रही है। ले. जनरल के मुताबिक पाकिस्तान लगातार घाटी के युवाओं को कट्टरता फैलाने के लिए प्रशिक्षित कर रहा है। उन्होंने माना कि अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद घाटी में बदलाव आ रहे, जिसमें भारतीय सेना की भी अहम भूमिका है।
AFSPA हटाई जाएगी?
इसके बाद उनसे सवाल पूछा गया कि क्या सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) जम्मू-कश्मीर से हटाया जाएगा। इस पर उन्होंने कहा कि क्या आपको लगता है कि घाटी में नियंत्रण के लिए केंद्रीय बलों की आवश्यकता नहीं है? AFSPA हटने से क्या स्थिति सामान्य रहेगी? यही सवाल हमें पूछने की जरूरत है। जिस दिन आपको जवाब मिल जाएगा, मुझे लगता है कि AFSPA को हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उम्मीद है इस बार तीर्थयात्रियों की संख्या दोगुनी हो जाएगी।












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