जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाली पर बोले LG मनोज सिन्हा, कहा-मेरी सरकार पूरा प्रयास करेगी'
Jammu & Kashmir: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नवनिर्वाचित विधानसभा को संबोधित करते हुए राज्य का दर्जा और संवैधानिक गारंटी बहाल करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक संस्थानों में जनता के विश्वास का सम्मान करने की दिशा में एक कदम बताया। उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार जम्मू-कश्मीर की इस आकांक्षा का समर्थन किया है।
हाल ही में जम्मू-कश्मीर के मंत्रिमंडल ने एक प्रस्ताव पारित किया है। जिसमें राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की गई है। यह प्रस्ताव न केवल निर्वाचित प्रतिनिधियों की सामूहिक इच्छा को दर्शाता है। बल्कि सभी हितधारकों से अपील भी करता है कि वे राज्य के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में सरकार के साथ सहयोग करें।

अनुच्छेद 370 के निरसन के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव
उपराज्यपाल सिन्हा ने अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निरसन के बाद पहली बार हुए विधानसभा चुनावों में उच्च मतदान को लोकतंत्र में नए विश्वास के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव राज्य में राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उपराज्यपाल ने इन चुनावों के शांतिपूर्ण और सफल संचालन की सराहना करते हुए इसे लोकतंत्र की स्थायी भावना का प्रमाण बताया।
कश्मीरी प्रवासियों के पुनर्वास और सुरक्षा पर जोर
कश्मीरी प्रवासियों के पुनर्वास की बात करते हुए उपराज्यपाल ने सुरक्षित वातावरण का वादा किया। साथ ही प्रवासी कर्मचारियों के लिए पारगमन आवास परियोजनाओं में तेजी लाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने नए निर्वाचित सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनका प्रयास लोकतंत्र की भावना को मजबूत करना और जनता की सेवा में समर्पित रहना है।
उच्च मतदान का किया विशेष उल्लेख
उपराज्यपाल ने उच्च मतदान का विशेष उल्लेख किया। खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहले अलगाववादी भावनाएं प्रभावी थी। उन्होंने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों की लोकतांत्रिक भागीदारी और अपनी चिंताओं व आकांक्षाओं को व्यक्त करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने इसे राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय करार दिया।
सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए समर्पण
उपराज्यपाल सिन्हा ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार सभी समुदायों और वर्गों के लिए आर्थिक विकास, सामाजिक समावेश और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है। उन्होंने एक समृद्ध समाज के निर्माण के लिए विधायकों, प्रशासन और अन्य हितधारकों के बीच सहयोग की जरूरत पर बल दिया।
उपराज्यपाल ने सार्वजनिक क्षेत्र में रिक्तियों को भरने और दयालु नियुक्तियों में तेजी लाने के अपने संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने सभी समुदायों और संस्थानों से सहयोग की अपील की। ताकि एक समृद्ध और समावेशी समाज का निर्माण किया जा सके। जिसमें सभी के लिए समान अवसर हों और समाज में सद्भावना बनी रहे।
उपराज्यपाल ने समापन संदेश में सभी से एकजुट होकर राज्य में आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देने और लोकतंत्र को मजबूती देने में योगदान देने का आह्वान किया।












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