JK: राजौरी में सैन्य शिवर के बाहर आतंकी हमले में मारे गए थे 2 नागरिक, अब होगी उच्च स्तरीय जांच
राजौरी में 16 दिसंबर को आतंकियों द्वारा की गई गोलीबारी में दो स्थानीय नागरिकों की मौत हो गई थी। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और भाजपा अध्यक्ष रविंदर रैना इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

Rajouri Firing: जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में 16 दिसंबर को आतंकियों द्वारा की गई गोलीबारी में दो स्थानीय नागरिकों की मौत हो गई थी। जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। दो नागरिकों की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू करते हुए राजौरी-जम्मू हाईवे जमा कर दिया था और सेना के शिविर पर पथराव भी किया। जिसके बाद जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और भाजपा अध्यक्ष रविंदर रैना इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
दरअसल, स्थानीय नागरिकों की मौत के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था और प्रदर्शनकारियों द्वारा सेना को दोषी ठहराया जाने लगा था। तो वहीं, जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और प्रभावित परिवार के लिए 5 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। सिन्हा ने ट्वीट किया,
राजौरी की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। जीवन की कीमत निर्धारित नहीं की जा सकती है, लेकिन फिर भी मैं प्रत्येक प्रभावित परिवार के लिए पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा करता हूं।
भाजपा अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा कि 'हमारा देश कानून के अनुसार काम करता है और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। जो भी शामिल है उसे कानून का सामना करना चाहिए।' इतना ही नहीं, रैना ने कहा, 'गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। मैंने गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात की है। इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराना बहुत महत्वपूर्ण है।'
रिपोर्ट्स के मुताबिर, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि उन्होंने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर लिया है और जांच चल रही है। तो वहीं, सेना ने भी इस जांच में सहयोग का आश्वासन दिया है। इस बीच, राजौरी में हुई गोलीबारी में मारे गए शलिंदर कुमार और कमल किशोर के अंतिम संस्कार में नागरिक प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। सेना ने शुक्रवार को कहा था कि पिछले 15 साल से सेना के लिए मजदूर के तौर पर काम करने वाले दोनों नागरिक आतंकवादी गोलीबारी में मारे गए। हालांकि, स्थानीय लोगों और परिवारों ने सेना के बयान का विरोध किया है।












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