बनिहाल में क्यों रोकी गई कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा'? J&K प्रशासन ने बताई असली वजह
कश्मीर घाटी में 'भारत जोड़ो यात्रा' रोके जाने पर कांग्रेस के आरोपों को प्रशासन ने खारिज कर दिया। अपर मुख्य सचिव आरके गोयल और पुलिस ने एक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है।

कश्मीर घाटी में कांग्रेस (Congress) की 'भारत जोड़ो यात्रा' (Bharat Jodo Yatra) के रोके जाने के बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए। जिसके बाद अब जम्मू कश्मीर पुलिस और के अपर मुख्य सचिव आरके गोयल ने 'यात्रा' को स्थगित करने की असली वजह बताई है। उन्होंने कहा कि 'भारत जोड़ो यात्रा' के लिए जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था की गई है।
बनिहाल में कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर सुरक्षा व्यवस्था में कमियां बताए जाने पर अपर मुख्य सचिव ने यात्रा को स्थगित करने एक दूसरा बड़ा कारण बताया। वहीं जम्मू कश्मीर पुलिस ने भी इसको लेकर स्थिति स्पष्ट की है। स्थिति स्पष्ट करते हुए अपर मुख्य सचिव ने आरके गोयल ने कहा कि यात्रा में भीड़ आयोजकों के पहले से तैयार प्लान से अधिक थी। भीड़ का एक बड़ा हिस्सा जिसे बनिहाल की ओर वापस लौटाया जाना था वो कश्मीर की ओर चला गया। जिसके कारण उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों पर दबाव पड़ा।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि भीड़ अधिक होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था पर विपरीत दबाव बना और ये कहा गया कि सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। जबकि बनिहाल में यात्रा में सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां और जम्मू-कश्मीर पुलिस की 10 कंपनियां तैनात की गई थीं। अतिरिक्त मुख्य सचिव आरके गोयल ने कहा कि सरकार सुरक्षा चिंताओं के प्रति गंभीर है और 'भारत जोड़ो यात्रा' के लिए सर्वोत्तम संभव सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।
वहीं जम्मू और कश्मीर पुलिस ने भी घाटी में 'भारत जोड़ो यात्रा' में सुरक्षा चूक के आरोपों खारिज कर दिया। कश्मीर जोन पुलिस ने अपने बयान में कहा, "केवल अधिकृत व्यक्तियों और तलाशी लेने के बाद ही भीड़ को ही यात्रा के मार्ग की ओर जाने की अनुमति दी गई थी। यात्रा के आयोजकों और प्रबंधकों ने यात्रा में शामिल होने के लिए बनिहाल से बड़ी भीड़ के बारे में सूचित नहीं किया था। जम्मू कश्मीर पुलिस ने कहा कि अर्धसैनिक बलों की 15 और जम्मू कश्मीर पुलिस की 10 कंपनियों की यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किया गया था, जिनमें आरओपी और क्यूआरटी शामिल थे। रूट डोमिनेशन, लेटरल डिप्लॉयमेंट और एसएफ को हाई-रिज और अन्य तैनाती के लिए तैनात किया गया था। पुलिस ने कहा, "आयोजकों द्वारा 1 किमी की यात्रा के बाद यात्रा को बंद करने पर कोई निर्णय लेने से पहले जम्मू कश्मीर पुलिस से परामर्श नहीं किया गया था। शेष यात्रा शांतिपूर्वक जारी रही। सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई। हम फुलप्रूफ सुरक्षा प्रदान करेंगे।"
बनिहाल में भारत जोड़ो यात्रा को रोके जाने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अनंतनाग में कहा, "यात्रा के दौरान पुलिस व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। भीड़ को संभालने वाली पुलिस कहीं नजर नहीं आ रही थी। मेरे आगे चलने से मेरे सुरक्षाकर्मी भी असहज थे। उन्होंने कहा ही सुरक्षा कर्मियों ने सुरक्षा कारणों को हवाला देते हुए मुझे यात्रा रोकने की सलाह दी। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा में सुरक्षा चूक का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन पर भीड़ को प्रबंधित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। रजनी पाटिल ने एक ट्वीट में कहा कि सुरक्षा चूक यूटी प्रशासन के अनुचित और अप्रस्तुत रवैये का संकेत देती है।
दरअसल, जम्मू कश्मीर में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा शुक्रवार को सुबह जम्मू-कश्मीर के बनिहाल से आगे घाटी की ओर बढ़ रही थी। इस दौरान सुरक्षा कारणों को हवाला देते हुए सुरक्षाकर्मियों ने पैदल यात्रा पर रोक लगा दी। पदयात्रा रोके जाने के बाद राहुल गांधी को अनंतनाग के वेसु तक वाहनों के जरिए भेजा गया। राहुल गांधी के साथ घाटी की ओर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला भी मौजूद थे।
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