Jammu Kashmir Chunav: महबूबा मुफ्ती की 'मुस्लिम परस्ती' से क्या बीजेपी को मिलेगा फायदा?
Jammu Kashmir Chunav 2024: जम्मू कश्मीर में दो दौर का चुनाव हो चुका है, जिसमें 50 सीटों पर मतदान का काम पूरा हुआ है। 1 अक्टूबर को 40 सीटों पर चुनाव है, जिसमें जम्मू डिविजन में 24 और उत्तर कश्मीर की 16 सीटें शामिल हैं। ऐसे में पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने मुस्लिम वोटरों की गोलबंदी के लिए एक ऐसा कार्ड चला है, जिसका आखिरकर इंडिया ब्लॉक को ही नुकसान पहुंचने की आशंका है।
पूरे जम्मू कश्मीर में इस बार मुख्य रूप से त्रिकोणीय मुकाबला है। नेशनल कांफ्रेंस- कांग्रेस गठबंधन और पीडीपी और ये तीनों ही पार्टियां इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं। तीसरी प्रमुख पार्टी भारतीय जनता पार्टी मैदान में है, जिसका खासकर पूरे जम्मू क्षेत्र में जबर्दस्त प्रभाव है।

बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर तो चुप रहती हैं महबूबा- बीजेपी
दरअसल, महबूबा ने इजरायली हमले में मारे गए आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह के सरगना हसन नसरल्लाह की मौत पर एक दिन प्रचार अभियान रोकने की घोषणा करके सबको चौका दिया है। पिछली सरकार में महबूबा के उपमुख्यमंत्री रहे बीजेपी के वरिष्ठ नेता कविंदर गुप्ता ने उनके इस स्टैंड पर जोरदार हमला किया है।
कविंदर गुप्ता ने कहा, 'हसन नसरल्लाह की मौत पर महबूबा मुफ्ती को इतनी तकलीफ क्यों हो रही है?..... जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला किया जाता है और उन्हें मार दिया जाता है, तब तो वो चुप हो जाती हैं.......ये मगरमच्छ के आंसू हैं और लोग इसके पीछे की मंशा को समझते हैं........"
महबूबा ने आतंकी हसन नसरल्लाह की मौत पर एक दिन बंद किया प्रचार
दरअसल, चुनाव प्रचार पर एक दिन का विराम लगाने की घोषणा करते हुए पीडीपी चीफ ने एक्स पर लिखा, 'लेबनान और गाजा के शहीदों, खास करके हसन नसरल्लाह के प्रति एकजुटता जाहिर करने के लिए मैं कल का अपना चुनाव अभियान रद्द कर रही हूं। हम इस दुःखद और कठोर प्रतिरोध की घड़ी में फिलिस्तीन एवं लेबनान के लोगों के साथ खड़े हैं।'
मुस्लिम तुष्टिकरण की कोशिश में हैं महबूबा- अल्ताफ ठाकुर
महबूबा के इरादे पर सिर्फ जम्मू क्षेत्र के भाजपा नेता ही निशाना नहीं साध रहे हैं। घाटी में बीजेपी के प्रमुख चेहरे अल्ताफ ठाकुर ने भी उनपर मस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगा दिया है। उन्होंने कहा, 'यह उनका चुनावी स्टंट है। हम भी युद्ध में होने वाली मौतों की निंदा करते हैं, लेकिन महबूबा मुफ्ती ने मुस्लिम समुदाय को समर्थन पाने के लिए यह कदम उठाया है।'
कश्मीर चुनाव में लेबनान-गाजा करने से जीतेंगी महबूबा?
हिज्बुल्लाह का आतंकी सरगना हसन नरल्लाह और उसकी बेटे जैनब शुक्रवार को इजरायली हमले में ढेर हो गए थे। जाहिर है कि महबूबा मुफ्ती उत्तर कश्मीर में मुस्लिम वोट हासिल करने के लिए इजरायल-लेबनान-गाजा को लेकर चुनावी रोटी सेंकने की कोशिशों में जुटी हैं।
दरअसल, पिछले कई चुनावों के बाद इस बार का जम्मू-कश्मीर चुनाव पीडीपी के लिए सबसे मुश्किल चुनाव माना जा रहा है। लेकिन, तथ्य यह है कि अंतिम चरण में मुस्लिम बहुल कश्मीर की सिर्फ 16 सीटों पर ही चुनाव होने हैं। वहीं जम्मू के हिंदू बहुल 24 सीटों पर मतदान होना है।
महबूबा के बयान से बीजेपी को जम्मू में मिलेगा फायदा?
अगर महबूबा मुस्लिम वोटरों को टारगेट करना चाहती हैं, तो भाजपा ने भी बांग्लादेश के हिंदुओं की दुर्दशा का मामला उठाकर अपना कार्ड खेल दिया है। बीजेपी पहले से भी जम्मू इलाके में मजबूत मानी जा रही है। वहीं कश्मीर में वह कमजोर ही तो इंडिया ब्लॉक में आपस में ही तगड़ी लड़ाई चल रही है। ऊपर से कुछ मजबूत छोटी पार्टियों और निर्दलीयों की वजह से भी वहां कांटे की लड़ाई लग रही है।
ऐसे में महबूबा के उठाए गए मुद्दे पर अगर मुस्लिम और हिंदू मतदाताओं में गोलबंदी हुई तो फिर आखिरकार जम्मू में इंडिया ब्लॉक का ही नुकसान बढ़ सकता है, जबकि कश्मीर में वह पहले से ही पूरी तरह से विभाजित है।












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