जम्मू-कश्मीर: बारामूला में आतंकी हमले के बाद सेना का ऑपरेशन जारी, 2 जवान हुए शहीद
Jammu Kashmir Baramulla News: जम्मू कश्मीर के बारामूला में सैन्य वाहन पर हुए आतंकी हमले में भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए हैं। इस हादसे में दो नागरिक पोर्टर (कुली) की भी जान चली गई है। हादसे में एक जवान और एक कुली घायल हो गए हैं। आतंकी हमले के बाद सेना का ऑपरेशन जारी है। बीती रात भारतीय सेना और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद शुक्रवार (25 अक्टूबर) सुबह बारामूला में तलाशी अभियान जारी है।
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बताया जा रहा है कि आतंकियों ने घात लगाकर सेना की गाड़ी पर हमला किया है। सेना और पुलिस साथ मिलकर इलाके में सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं। बारामूला जिले के गुलमर्ग के नागिन इलाके में एलओसी के पास 18 राष्ट्रीय राइफल्स के वाहन पर आतंकियों ने हमला किया था। इसमें तीन से चार आतंकियों के शामिल होने की आशंका है।

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सेना के सूत्रों की माने तो इस आतंकी हमले में 3 से ज्यादा आतंकवादी शामिल हो सकते हैं। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया है और आतंकियों की तलाश शुरू कर दी है। आतंकियों के उत्तरी कश्मीर के बोटा पथरी सेक्टर में एलओसी से घुसपैठ की उम्मीद है।
भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि एक जवान और एक कुली घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि, "भारतीय सेना और आतंकवादियों के बीच बारामूला के बूटापाथरी क्षेत्र में एक गोलीबारी हुई। गोलीबारी के दौरान दो जवान और दो कुली घायल हो गए हैं और उन्हें चिकित्सा देखभाल के लिए निकाला गया है।"
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आतंकी हमले पर क्या बोले JKNC नेता शेख बशीर?
जेकेएनसी नेता शेख बशीर अहमद ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि जम्मू-कश्मीर पिछले 35 सालों से आतंकवाद से जूझ रहा है। कभी यह रुक जाता है तो कभी फिर से शुरू हो जाता है। यह एक सतत प्रक्रिया बन गई है। यह एक रणनीति है, कुछ ताकतें नहीं चाहती हैं कि जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया काम करे। वे हमेशा कुछ न कुछ करने के मौके की तलाश में रहते हैं। यह सच है कि यह उस दिन से लगातार हो रहा है जब विधानसभा में विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह हुआ था। इसलिए, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को पनपने न देने की साजिश लगती है। एनसी ने पहले भी इसका सामना किया है और अब भी कर रहे हैं"












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