J&K: मेरे लिए सबसे बड़ा धर्म... जानें स्वतंत्रता दिवस पर क्या बोले LG मनोज सिन्हा
जम्मू कश्मीर में भी लोग स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारी उत्साह से भरे दिखे। हर धर्म के लोग एक दूसरे को बधाई देते दिखे। 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में एक भव्य समारोह का आयोजन हुआ। यहां जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी भी ली। वहीं, जम्मू के एमए स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्होंने अपना संबोधन भी दिया। अपने संबेधन में उपराज्यपाल ने बड़ी बात कही।
एलजी मनोज सिन्हा ने दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने भाषण की शुरुआत में वहां के नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस शुभ अवसर पर, मैं अपने नागरिकों को शुभकामनाएं देता हूं। यह पवित्र दिन सभी भारतीय नागरिकों के लिए स्मरण, समर्पण और संकल्प के बारे में है। मैं स्वतंत्रता सेनानियों, सम्मानित पूर्वजों और को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन लोगों के लिए जिन्होंने आजादी के लिए अपनी जान दे दी।

एलजी मनोज सिन्हा ने बताया अपना सबसे बड़ा धर्म
जब भी पदक तालिका प्रकाशित होती है तो हमारे बहादुर जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक लंबी सूची होती है। तीन साल पहले इसी दिन, मैंने एक नया जम्मू-कश्मीर बनाने का अपना सपना साझा किया था जिसमें आधुनिकता और आध्यात्मिकता हो .मेरे लिए सबसे बड़ा धर्म हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान देखना है। मेरा सबसे बड़ा धर्म यहां के सभी नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना है।
आतंक मुक्त स्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध: एलजी मनोज सिन्हा
एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि सुरक्षा बल आतंक और उसके इको-सिस्टम के ताबूत में आखिरी कील ठोंकने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। पड़ोसी देश द्वारा समर्थित आतंक ने समाज के लिए कैंसर के रूप में काम किया। हम जम्मू-कश्मीर को आतंक मुक्त स्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि 34 साल में पहली बार मुहर्रम जुलूस को पारंपरिक मार्गों से गुजरने की इजाजत दी गई। उन्होंने कहा कि कश्मीर में होम स्टे, टेंटेज सुविधाएं देखी जा रही हैं।












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