जयशंकर का पाकिस्तान दौरा 'अच्छा कदम': फारूक अब्दुल्ला
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर के पाकिस्तान जाने के फैसले की सराहना की।
श्रीनगर से बोलते हुए अब्दुल्ला ने भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए आशा व्यक्त की, दोनों देशों की शांति और समृद्धि के लिए दोस्ती को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों को याद करते हुए कहा कि दोस्त भले ही बदल जाएं, लेकिन सीमाएं स्थिर रहती हैं।
जयशंकर की आगामी पाकिस्तान यात्रा एक महत्वपूर्ण क्षण है, जो लगभग नौ वर्षों में अपनी तरह की पहली यात्रा है। 15 और 16 अक्टूबर को होने वाली इस बैठक की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है और यह लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच बातचीत की दिशा में एक कदम है।
क्षेत्रीय शांति का व्यापक संदर्भ
अब्दुल्ला ने मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों पर अपनी व्यथा व्यक्त की, लेबनान, गाजा, सीरिया, ईरान और इज़राइल में निर्दोष लोगों की जान जाने के कारण स्थिति को "दिल दहला देने वाला" बताया। उन्होंने बढ़ते संघर्षों पर वैश्विक ध्यान देने का आह्वान किया, चेतावनी दी कि ऐसे विवादों के फैलने से दुनिया की आर्थिक स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है और प्रभावित क्षेत्रों में शांति और समृद्धि की आकांक्षाओं को कुचला जा सकता है।












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