'अब बातचीत नहीं, फुल एंड फाइनल हिसाब चाहिए', फारूक अब्दुल्ला की Pak को तगड़ा सबक सिखाने की मांग
Farooq Abdullah On Pahalgam attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला ने कड़ा बयान दिया है। फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को लताड़ते हुए कहा कि अब केवल बातचीत नहीं, बल्कि फुल एंड फाइनल हिसाब की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को पाकिस्तान की कड़ी निंदा की और ऐसे कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया, जिससे भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, "मैं हमेशा पाकिस्तान के साथ बातचीत का पक्षधर रहा हूं। हम उन लोगों को क्या जवाब देंगे? जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया? क्या हम न्याय कर रहे हैं? बालाकोट नहीं, आज देश चाहता है कि ऐसी कार्रवाई हो ताकि इस तरह के हमले कभी न हों।"

पाकिस्तान को फारूक अब्दुल्ला का आईना
उन्होंने आगे कहा, "हमें खेद है कि आज हमारा पड़ोसी भी यह नहीं समझ रहा है कि उसने मानवता की हत्या की है। अगर उन्हें लगता है कि ऐसा करने से हम पाकिस्तान के साथ चले जाएंगे, तो हमें उनकी गलतफहमी दूर कर देनी चाहिए। हम 1947 में उनके साथ नहीं गए थे, तो आज क्यों जाएंगे? हमने उस समय दो-राष्ट्र सिद्धांत को पानी में फेंक दिया था। आज हम भी दो-राष्ट्र सिद्धांत को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, हम सब एक हैं। हम उन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे।"
इससे पहले सोमवार को फारूक पहलगाम हमले पर बोलने के लिए जम्मू-कश्मीर विधानसभा के विशेष सत्र में शामिल हुए। जहां उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा जाना चाहिए कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर पाकिस्तान को क्या "जवाब" दिया जाना चाहिए।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया और सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक के बाद केंद्र सरकार द्वारा घोषित कूटनीतिक उपायों का समर्थन किया। पहलगाम में हुआ हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में हुए सबसे घातक हमलों में से एक है, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।












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