Kashmir Earthquake: कश्मीर में कांपी धरती,अफगानिस्तान था भूकंप का केंद्र, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग
Kashmir Earthquake Today: जम्मू-कश्मीर में शनिवार, 18 अप्रैल की सुबह भूकंप के हल्के झटकों के साथ हुई। घाटी के कई हिस्सों में तड़के भूकंप महसूस किया गया, जिससे नींद में सो रहे लोग दहशत में आ गए और आनन-फानन में अपने घरों से बाहर निकल आए।
हालांकि, गनीमत यह रही कि इन झटकों की तीव्रता कम थी और अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।

अफगानिस्तान में था भूकंप का केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह आए इस भूकंप का उपरिकेंद्र (Epicentre) अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र था।जमीन के काफी नीचे केंद्र होने के कारण झटके कश्मीर घाटी तक महसूस किए गए। भूकंप सुबह के समय आया जब अधिकांश लोग सो रहे थे। झटकों की अवधि कुछ ही सेकंड की थी, लेकिन इसकी वजह से छतों पर लगे पंखे और खिड़कियाँ हिलने लगीं।
घाटी में मची अफरा-तफरी
श्रीनगर, बारामूला, कुपवाड़ा और गांदरबल जैसे जिलों में भूकंप के झटके अधिक महसूस किए गए। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, अचानक आए झटकों के बाद कई इलाकों में मस्जिदों और रिहायशी कॉलोनियों में शोर मच गया और लोग सुरक्षा के लिहाज से खुली जगहों की ओर भागे।
सिस्मिक जोन-5 में आता है कश्मीर
भूवैज्ञानिकों के अनुसार, कश्मीर घाटी सिस्मिक जोन-5 (Seismic Zone V) में आती है, जो भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। हिंदूकुश पर्वतमाला में होने वाली हलचल का सीधा असर अक्सर उत्तर भारत और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर पर पड़ता है। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और भूकंप आने की स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षा प्रोटोकॉल (जैसे मेज के नीचे छिपना या खुले मैदान में जाना) का पालन करने की अपील की है। फिलहाल आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।














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