Somya Gurjar Jaipur : कौन हैं डॉ. सौम्या गुर्जर जिनसे छिन सकती है जयपुर नगर निगम ग्रेटर मेयर की कुर्सी
जयपुर, 11 अगस्त। राजस्थान की राजधानी जयपुर में नगर निगम ग्रेटर की भाजपा मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इनकी मेयर की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर यज्ञमित्र सिंह देव के साथ हुए विवाद में अब इनसे मेयर का पद छिन सकता है, क्योंकि पूरे मामले की न्यायिक जांच रिपोर्ट संयुक्त सचिव विधिक मुदिता भार्गव ने स्वायत्त शासन विभाग (डीएलबी) सचिव जोगाराम को बुधवार को सौंपी। रिपोर्ट में डॉ. सौम्या गुर्जर व तीन पार्षद पारस जैन, अजय सिंह और शंकर शर्मा को दोषी माना गया है।

पहली बार किसी मेयर का निलंबन
दरअसल, पिछले साल जयपुर ग्रेटर नगर निगम मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर और तत्कालीन कमिश्नर यज्ञमित्र देवसिंह के भी बीच कचरा उठाने वाली कंपनी बीवीजी को लेकर विवाद हुआ था। मेयर सौम्या गुर्जर व पार्षदों पर निगम की बैठक में कमिश्नर यज्ञमित्रदेव सिंह को अपशब्द कहने और धक्कामुक्की का आरोप भी लगा। मामले में 6 जून 2021 को राजस्थान सरकार ने जयपुर मेयर सौम्या गुर्जर, वार्ड 39 पार्षद अजय सिंह चौहान, वार्ड 72 पार्षद पारस जैन और वार्ड 103 पार्षद शंकर शर्मा को निलंबित कर दिया था। राजस्थान में यह पहली बार हुआ था जब किसी मेयर को निलंबित किया गया।

सौम्या की जगह शील धाभाई को बनाया मेयर
जयपुर नगर निगम ग्रेटर की मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर को निलंबन कर उनके खिलाफ न्यायिक जांच के आदेश दिए गए थे। फिर भाजपा की ही शील धाभाई को जयपुर नगर निगम ग्रेटर का कार्यवाहक मेयर बनाया गया। निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी। एक फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्टे दिया तब सौम्या गुर्जर वापस मेयर की कुर्सी पर बैठी थीं।

इस प्रावधान से जा सकती है सौम्या गुर्जर की कुर्सी
मीडिया से बातचीत में विधि विशेषज्ञ विष्णु दयाल शर्मा (राजकीय अधिवक्ता) कहते हैं कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम के सेक्शन 39 (4) में प्रावधान है कि अगर कोई जनप्रतिनिधि न्यायिक जांच में दोषी मिलता है तो उसे तुरंत पद से हटाया जाएगा। इसके लिए सरकार गजट नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। हालांकि राज्य सरकार या पक्षकार को इस न्यायिक जांच की रिपोर्ट की कॉपी सुप्रीम कोर्ट में पेश करना अनिवार्य है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने एक फरवरी को जो स्टे ऑर्डर दिया था, उसमें न्यायिक जांच को कोर्ट के समक्ष पेश करने निर्देश दिए थे।
देर रात तक लेती रहीं बैठक, सुबह बच्चे को जन्म
फरवरी 2021 में जयपुर नगर निगम ग्रेटर की मेयर सौम्या गुर्जर उस वक्त भी चर्चा में आई जब ये प्रसव से आठ घंटे पहले तक बैठक ले रही थीं। प्रसव के तीन दिन बाद ही घर पर कार्यालय की फा इल देखने लगीं और दस दिन बाद कार्यालय भी आने लगी थीं। सौम्या गुर्जर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट शेयर कर लिखा भी था कि 'Work is Worship! देर रात तक निगम ऑफिस में मीटिंग ली। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर रात्रि 12:30 बजे कुकुन हॉस्पिटल में भर्ती हुई और सुबह 5.14 पर परमपिता परमेश्वर की कृपा से पुत्र को जन्म दिया। मैं और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।'

सौम्या गुर्जर की जीवनी
- 8 जनवरी 1984 को जन्मी सौम्या गुर्जर की राजनीति के साथ-साथ योग व एथेलेटिक्स में भी अच्छी पकड़ रही है।
- सौम्या गुर्जर राजस्थान के डांग इलाके की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में भी कार्य करती रही हैं।
- सौम्या गुर्जर ने राजस्थान विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में पीएचडी कर रखी है।
- सौम्या गुर्जर जयपुर नगर निगम ग्रेटर के वार्ड 87 से भाजपा पार्षद हैं।
- महापौर के चुनाव में सौम्या गुर्जर ने कांग्रेस प्रत्याशी दिव्या सिंह को 44 वोटों से हराया था।
- सौम्या गुर्जर राज्य महिला आयोग व करौली जिला परिषद की सदस्य भी रह चुकी हैं।
- सौम्या गुर्जर की शादी राजनेता राजराम गुर्जर से हुई है। राजाराम गुर्जर करौली के सभापति भी रह चुके हैं।












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