राजस्थान में पहली बार : BJP मेयर सौम्या गुर्जर, चेयरमैन व पार्षद को गहलोत सरकार ने क्यों किया सस्पेंड?
जयपुर, 7 जून। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने जयपुर ग्रेटर नगर निगम की मेयर सौम्या गुर्जर को निलंबित कर दिया है। उनके साथ ही दो चेयरमैन और एक पार्षद के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। राजस्थान में पहली बार किसी मेयर का निलंबन हुआ है।

सौम्या गुर्जर महापौर, जयपुर ग्रेटर नगर निगम
दरअसल, जयपुर ग्रेटर नगर निगम महापौर (मेयर) सौम्या गुर्जर और कमिश्नर यज्ञमित्र देवसिंह के भी बीच कचरा उठाने वाली कंपनी को लेकर विवाद हुआ था। मामले में राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई। राजस्थान सरकार ने रविवार रात करीब 11.30 बजे भाजपा से मेयर सौम्या गुर्जर, दो चेयरमैन वार्ड 39 के पार्षद अजय सिंह चौहान व वार्ड 72 के पार्षद पारस जैन और वार्ड 103 के पार्षद शंकर शर्मा के निलंबन के आदेश जारी कर दिए।

जयपुर में मेयर वर्सेज कमिश्नर
मेयर सौम्या गुर्जर व पार्षदों पर शुक्रवार को आयोजित जयपुर ग्रेटर नगर निगम की बैठक में कमिश्नर यज्ञमित्रदेव सिंह को अपशब्द कहने और धक्कामुक्की का आरोप है। इनके निलंबन के आदेश राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के निर्देश पर डीएलबी डायरेक्टर दीपक नंदी ने जारी किए हैं।

मेयर सौम्या गुर्जर ने निलंबन पर क्या कहा?
मीडिया से बातचीत में मेयर सौम्या गुर्जर ने अपने निलंबन के बाद कहा कि राजस्थान सरकार अपनी हठधर्मिता के चलते उन पर जबरन दोष मढ रही है। भाजपा बहुमत में है। इसके बावजूद कांग्रेस की सरकार जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों को काम नहीं करने देना चाह रही। बिना किसी सबूत और बिना किसी सुनवाई के सरकार ने निलंबन किया है। इस संबंध में जरूरत पड़ी तो कोर्ट का रास्ता भी अपनाया जा जाएगा।

जयपुर मेयर सौम्या गुर्जर के निलंबन की पूरी कहानी
3 जून : मेयर सौम्या गुर्जर ने कमिश्नर यज्ञमित्र देवसिंह को पत्रावली भेजी कि बीवीजी कंपनी हड़ताल पर जा रही है। जोन कार्यालय से रिपोर्ट लेकर इसकी पुष्टि की जाए। साथ ही जनहित के कार्यों को रोककर फर्म द्वारा नगर निगम पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाया जाए।
4 जून : बीवीजी कंपनी को पेमेंट करने व अन्य मामलों पर हुई बैठक में मेयर ने कमिश्नर पर गंभीर आरोप लगाए। विवाद इतना बढ़ गया कि कमिश्नर मीटिंग छोड़कर चले गए थे। मेयर का कहना था कि कमिश्नर बीवीजी कंपनी के साथ मिलकर जेबें भरने में लगे हैं।

आरएएस रेण खंडेलवाल को सौंपी जांच
5 जून : यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने डीएलबी में आरएएस रेणू खंडेलवाल को पूरे मामले की जांच सौंपी थी। कमिश्नर ने मेयर की सुरक्षा में लगे चार होमगार्ड को हटवा दिया।
6 जून : आरएएस रेणू खंडेलवाल की जांच के आधार पर ही रविवार रात मेयर और तीन चेयरमैनों को निलंबित किए जाने के आदेश जारी किए गए।

पुलिस थाने में पहुंची मेयर व कमिश्नर की लड़ाई
उधर, कमिश्नर ने जयपुर के ज्योतिनगर पुलिस थाने में मेयर सौम्या गुर्जर के खिलाफ अभद्र भाषा बोलने व पार्षद जितेंद्र श्रीमाली, अरुण वर्मा, मिनाक्षी शर्मा, पारस जैन, शक्ति प्रसाद यादव, रमेश प्रजापत, प्रवीण यादव और अजय सिंह पर मारपीट करने का आरोप लगाया। इधर, डीएलबी निदेशक दीपक नंदी का कहना है कि मामले की जांच जारी है। मेयर के पद पर बने रहते हुए मामले की जांच प्रभावित होने का अंदेशा था। इसलिए उनको निलंबित किया।












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