जब गड्ढों की वजह से नींद खुल जाए तो समझ लो गुजरात आ गया, सड़कों के बहाने सीएम गहलोत ने मोदी पर कसा यह तंज
जयपुर, 1 सितंबर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज 3,334 करोड़ रुपये की 113 सड़क विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। वीसी के जरिए हुए कार्यक्रम को सीएम गहलोत ने संबोधित किया। सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान में पिछले कुछ सालों में सड़कों की स्थति बेहतर हुई है। पहले कहा जाता था कि अगर गड्ढों की वजह से कार में नींद खुल जाए तो समझ लो की राजस्थान आ गया। लेकिन अब स्थिति अलग है। सीएम गहलोत ने कहा कि मैं पिछले दिनों गुजरात गया तब गुजरात के लोगों ने उलटी बात कही। उन्होंने कहा कि अब अगर नींद खुल जाए तो समझ लो गुजरात आ गया है। ये हालत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य की सूरत से बड़ौदा की मुख्य सड़कों के हाल भी खराब हैं। राजस्थान की पिछले सालों में स्थिति सुधरी है। सीएम गहलोत ने अधिकारियों से कहा कि मानसून की वजह से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का कार्य 20 अक्टूबर तक हो जाना चाहिए।

सड़कों की खराब हालत के लिए अधिकारी जिम्मेदार
गहलोत ने सड़कों की खराब हालत के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कह दिया कि सरकार के स्तर पर जब धन की कमी नहीं, तो फिर सड़कों की ऐसी स्थिति क्यों है। इसको सुधारने की जरूरत है। सीएम ने कहा कि सड़क हादसों को रोकने के लिए ओवरलोडिंग वाहनों पर रोक लगानी होगी। प्रदेश में ओवरलोडिंग गिरोह सक्रिय हो गए है। ये लोग बड़े बेशर्म है। लोगों की जान चली जाती है। लेकिन इनकों शर्म नहीं आती है। सीएम ने कहा कि सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार गंभीर है। सरकार स्थानों से ट्रोमा सेंटर से जोड़ने की कोशिश कर रही है। ताकि हादसा होने पर जान बचाई जा सके। प्रदेश में शानदार नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे बन रहे हैं। जो सड़कें बनी हुई हैं। उसका मेंटेनेंस भी समय पर हो रहा। गहलोत ने कहा कि सही गुणवत्ता की सड़कों से सड़क हादसों में कमी आती है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में विदेशी तकनीक का भी सहयोग लिया जा रहा है। बारिश के कारण सड़कें टूट-फूट जाती हैं। जिसके चलते अब नई टेक्नोलॉजी को काम में लेने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि सड़कों के रिपेयर में टेक्नोलॉजी काम आएगी।

सड़कों की हालत को लेकर सीएम सख्त
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि जोधपुर की सड़कें बर्बाद हो चुकी हैं। मुझे अधिकारियों को दो टूक कहना पड़ा कि रहना है तो अच्छे से काम करो। ये स्थिति जोधपुर की ही नहीं। अन्य जगहों की भी है। जब धन की कमी नहीं। फिर ऐसी स्थिति क्यों है। गहलोत ने अधिकारियों को फील्ड में दौरे करने के निर्देश दिए। साथ ही गहलोत ने जेईएन और एईएन के पद को समाप्त करने पर भी आश्चर्य जताया। गहलोत ने कहा कि पता नहीं क्यों जेईएन और एईएन के पद समाप्त किए गए। अब जेईएन और एईएन के पदों की भर्ती की जा रही। मुझे नहीं पता कि यह फैसला हमारे समय हुआ या भाजपा के समय। लेकिन अब आप लोग फिर से गाड़ी को पटरी पर लाएं। सड़कों की क्वालिटी में समझौता मंजूर नहीं। चीफ इंजीनियर से ठेकेदार डरते हैं कि कब बिल रुक जाएगा। आजकल कई एक्सईएन तो ठेकेदार के पार्टनर बन जाते हैं। ऐसे में ठेकेदार क्वालिटी में समझौता करता है। सीएम ने कहा कि कार्रवाई के लिए आप चाहे एपीओ करें, सस्पेंड करें, कुछ भी करें। ठेका देते समय सबको पाबंद किए जाते हैं।












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