धोरों की धरती पर जल्दी दौड़ेगी वंदे भारत, प्रदेश में बनेंगे मेंटिनेंस डिपो, जानिए कैसे करें सफर
जयपुर, 27 अगस्त। भारतीय रेलवे में बड़े परिवर्तन का दौर चल रहा है। रेलवे के सभी जोन को अत्याधुनिक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। देश भर में 200 वंदे भारत ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के हिस्से में शुरुआती दौर में 5 नई ट्रेनें आई है। रेलवे ने इन ट्रेनों के संभावित रूट का खाका भी तैयार कर लिया है। फिलहाल रेट से लेकर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का काम तेजी से किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे का मानना है कि 2023 तक यह ट्रेन जयपुर,दिल्ली और जोधपुर के बीच दौड़ने लगेगी। तमाम सुविधाओं के साथ इस ट्रेन में सफर करना दिलचस्प होगा। जल्द ही जयपुर से जोधपुर के बीच के ट्रायल रन की तारीख भी सामने आने वाली है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो कुछ ही महीनों में यह ट्रेन पटरी पर होगी और हवा में बातें करती हुई नजर आएगी।

इन रुट पर दौड़ेगी वंदे भारत
उत्तर पश्चिम रेलवे जोन में 5 नई वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान किया है। इसके बाद से ही राजस्थान में कौन से रूट पर सबसे पहले वंदे भारत रेल चलेगी। इसे लेकर चर्चा की जा रही है। हालांकि उत्तर पश्चिमी रेलवे के प्रारंभिक स्तर के संभावित प्लान के अनुसार राजस्थान में जयपुर-दिल्ली, जयपुर-जोधपुर, जयपुर-उदयपुर और जयपुर-कोटा के बीच इन ट्रेनों का संचालन करने की योजना है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में जयपुर, श्रीगंगानगर, अजमेर, उदयपुर और जोधपुर में मेंटेनेंस डिपो विकसित किए जाएंगे। राजस्थान में जयपुर रींगस रूट पर एक हजार करोड रुपए की लागत से मेमू मेंटेनेंस डिपो तैयार किया जा रहा है। वंदे भारत को लेकर मेंटेनेंस डिपो बनाने का काम शुरू हो चुका है। वंदे भारत को सेमी बुलेट ट्रेन भी कहा जाता है। इस के सफर में औसतन एक घंटे की बचत होगी। हालांकि इसका किराया दूसरी ट्रेनों के मुकाबले महंगा होगा। यह भारत की स्वनिर्मित टेन होगी जो अत्याधुनिक संसाधनों के इस्तेमाल के साथ चलेगी।












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