Drone Attack : राजस्थान बॉर्डर पर भी ड्रोन हमले का खतरा, सेना ला रही आयरन डोम जैसी तकनीक, VIDEO
जयपुर, 17 अगस्त। पंजाब व जम्मू कश्मीर के बाद अब राजस्थान बॉर्डर पर ड्रोन हमले का खतरा मंडरा रहा है। इससे निपटने के लिए भारतीय सेना आयरन डोम जैसी तकनीक पर काम कर रही है। राजस्थान फ्रंटीयर के बीएसएफ आईजी पंकज गूमर ने ड्रोन हमलों पर बात करते हुए कहा कि जिस प्रकार जम्मू और पंजाब में ड्रोन जनित संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं, राजस्थान की सीमा पर भी ऐसी गतिविधियों के होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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भारतीय सेना को निर्देश जारी
बीएसएफ आईजी पंकज गूमर ने ही कहा कि ड्रोन हमले के संबंध में भारतीय सेना को पहले से ही निर्देश जारी किया जा चुका है और साथ ही ये कोशिश भी की जा रही है कि इस बारे में राजस्थान बॉर्डर के आस-पास के गांवों में रह रहे लोगों को भी सतर्क और सजग किया जाए।

जैसलमेर बॉर्डर का दौरा
बता दें आईजी पंकज घूमर ने अपने जैसलमेर बॉर्डर के दौरे के दौरान जैसलमेर से लगती भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा क्षेत्र की अति संवेदनशील सीमा चौकियों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और सीमा सुरक्षा बल के जवानों की हौसला अफजाई की। उन्होंने सभी को हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहने को प्रोत्साहित किया।

क्या है आयरन डोम तकनीक?
इधर, दैनिक भास्कर से बातचीत में थल सेना के पश्चिम कमान के आर्मी कमांडर ले. जनरल अमरदीप भिंडर ने कहा कि ड्रोन नया खतरा है। इजरायल ने अपने देश को मिसाइल हमलों से बचाने के लिए आयरन डोम विकसित कर लिया है। उसी तरह ड्रोन से हमलों से भारत को सुरक्षित करने के लिए ड्रोन को काउंटर करने की तकनीक पर सेना व डीआरडीओ काम कर रहे हैं।
बीएसएफ आईजी का जैसलमेर दौरा
इधर, जैसलमेर में भारत-पाक सीमा पर इन दिनों ऑपरेशन अलर्ट चलाया जा रहा है। इस मौके पर राजस्थान फ्रंटियर बीएसएफ के महानिरीक्षक पंकज घूमर भी भारत पाक सीमा पर मोर्चा संभाले हुए हैं। महानिरीक्षक पंकज घूमर जैसलमेर क्षेत्र में अग्रिम सीमा चौकियों का लगातार दौरा कर रहे हैं। साथ ही जवानों से बातचीत की व उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। हर साल की भाति इस बार भी मौसम व तेज आंधियों, तूफान के समय संभावित घुसपैठ रोकने व अतिरिक्त चौकसी के लिए इस अभियान के दौरान गश्त बढ़ाने के साथ ही सुरक्षा नाकों की संख्या में बढ़ोतरी की गई।

संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती
ऊंटों से गश्त और फुट पेट्रोलिंग बढ़ाई गयी। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। इस एक्सरसाइज में बीएसएफ की सभी शाखाओं के अधिकारी जवान हिस्सा ले रहे हैं। इसी बीच महानिरीक्षक पंकज घूमर ने जवानों के साथ कथे से कथे मिलाकर ऑपरेशन में हिस्सा लिया। आईजी पंकज द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा एवं आपरेशन संबंधी जानकारी ली गई।

अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
इस दौरान सीमा पर तमाम विषम व कठोर परिस्थितियों में अपने कर्त्तव्य का पालन कर रहे सीमा प्रहरियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा बल देश की प्रथम रक्षा पंक्ति हैं, जो सीमा पर पड़ोसी देश के हर खतरे का सर्वप्रथम सामना करता है। साथ ही सीमा पर निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने पर विशेष जोर दिया।












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