Sukhdev Singh Gogamedi: कौन थे श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना चीफ सुखदेव सिंह? जिन्हें बदमाशों ने मारी गोली
Who was Sukhdev Singh Gogamedi Rajput Karni Sena: राजस्थान में राज बदलते ही राजधानी जयपुर में क्राइम की सबसे बड़ी घटना हुई है। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी है। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को दो बदमाशों में जयपुर के श्यामनगर इलाके में जनपथ पर स्थित उनके घर पर दिनदहाड़े गोली मारी है।
जयपुर में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करके भागे बदमाशों का अभी पता नहीं चल पाया है। उनकी तलाश में जयपुर पुलिस की कई टीमें लगी हुई हैं। ना ही अभी सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के कारणों का खुलासा हो सका है। पूरे जयपुर में इस समय हाई अलर्ट है। वहीं, राजस्थान के राजपूतों में सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या से आक्रोश है।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की जीवनी
-सुखदेव सिंह के पूर्वज राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव धमोरा के रहने वाले थे। इनका परिवार कई दशक से हनुमानगढ़ जिले में स्थित गोगामेड़ी में रह रहा है। इसलिए ये अपने नाम गोगामेड़ी सरनेम लगाते थे। खुद सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जयपुर के श्यामनगर जनपथ में रहते थे। ये वर्तमान में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष थे। सुखदेव सिंह की शादी शीला कंवर से हुई। इनके एक बेटा व बेटी है।
-सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने साल 2013 में करणी सेना ज्वाइन की थी। करणी सेना की स्थापना लोकेंद्र सिंह कालवी ने की थी। संगनात्मक विवाद होने पर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी करणी सेना से अलग होकर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना नाम से अलग संगठन बना लिया था।

-सुखदेव सिंह गोगामेड़ी शेखावत राजपूत फैमिली से ताल्लक रखते थे। ये राजपूत समुदाय और हिंदू समुदाय से जुड़े मुद्दे उठाते रहते हैं। फिल्म पद्मावती में राजपूतों के चरित्र का गलत चित्रण को लेकर साल 2018 में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के नेतृत्व में करणी सेना ने देशभर में प्रदर्शन किया था।
-फिल्म पद्मावती की शूटिंग के दौरान जयपुर में सेट पर तोड़फोड़ व संजय लीला भंसाली के थप्पड़ मारने का मामला भी सामने आया था। हालांकि करणी सेना के विरोध के चलते फिल्म का नाम व कई सीन बदलने पड़े थे।

-वेबसाइट न्यूज18 की साल 2018 में उल्लेख है कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के खिलाफ उस समय 21 मामले दर्ज थे, जिनमें 7 गंभीर आपराधिक मामले थे। साल 2003 में हत्या के मामले में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को दोषी भी ठहराया गया था। इसके अलावा साल 2013 में आर्म्स एक्ट में दोषी ठहराया गया।












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