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Gul Mohammad: कौन हैं जयपुर के गुल मोहम्‍मद, जिनको Ram Mandir की वजह से बनना पड़ा गुल्लूराम?

Gul Mohammad Jaipur Rajasthan: अयोध्‍या में 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर प्राण प्रतिष्‍ठा समारोह को लेकर दुनियाभर के राम भक्‍तों में अपार उत्‍साह है। उन्‍हीं एक शख्‍स हैं हाजी गुल मोहम्‍मद मंसूरी।

यूं तो गुल मोहम्‍मद मंसूरी राजस्‍थान के जयपुर के रहने वाले हैं, मगर अयोध्‍या में बन रहे राम मंदिर से इनका रिश्‍ता 3 दशक पुराना है।

Ram Mandir Movement 1992

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राम मंदिर की वजह से तो गुल मोहम्‍मद मंसूरी को नया नाम गुल्‍लूराम मिला। खुद की बेगम से दुबारा निकाह करना पड़ा। फिर से कलमा पढ़ना पड़ा।

गुल मोहम्‍मद को अब सुकून इस बात का है कि अयोध्‍या में भगवान श्रीराम का मंदिर बन रहा है। इस पर खुशी जाहिर करते हुए ये कहते भी हैं कि 'राम मंदिर भारत में ही नहीं बनेगा तो क्या पाकिस्तान में बनेगा?'

गुल मोहम्‍मद की राम मंदिर वाली कहानी ये है कि साल 1977 में गुल मोहम्‍मद मंसूरी जनता पार्टी से विधायक चुने गए थे। उसके बाद भी पार्टी से जुड़े रहे।

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साल 1992 में राम मंदिर के लिए आंदोलन हुआ। देशभर से कार सेवकों की टोलियों ने अयोध्‍या कूच किया। जयपुर से गई कारसेवकों की टोली में गुल मोहम्‍मद मंसूरी भी शामिल थे। तब अयोध्‍या समेत देशभर में बवाल हुआ था। जयपुर भी अछूता नहीं रहा।

राम मंदिर आंदोलन में हिस्‍सा लेकर जैसे-जैसे गुल मोहम्‍मद सकुशल वापस जयपुर पहुंचे तो घर के बाहर ही समाज के लोगों ने खूब विरोध किया। मारने तक दौड़े। फिर इनको समाज से बाहर तक दिया।

गुल मोहम्‍मद के राम मंदिर आंदोलन में हिस्‍सा लेने पर न केवल समाज इनके खिलाफ हुआ बल्कि इनको गुल मोहम्‍मद की जगह गुल्‍लूराम कहने लगे। खूब धमकियां भी मिली। डर के कारण पत्‍नी ने इनके साथ रहने तक से इनकार कर दिया।

आज तक की रिपोर्ट के अनुसार गुल मोहम्‍मद मंसूरी के लिए जयपुर के जामा मस्जिद से फतवा भी जारी हुआ तो इनका समाज में रहना बहुत मुश्किल हो गया था। गुल्‍लूराम से वापस गुल मोहम्‍मद बनने के लिए इनको दुबारा कलमा पढ़ाया गया।

पत्‍नी माफिया बेगम से दुबारा निकाह हुआ तब जाकर इनको गुल मोहम्‍मद नाम फिर से मिला। गुल मोहम्‍मद को अब 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर प्राण प्रतिष्‍ठा समारोह के लिए निमंत्रण नहीं मिला, लेकिन इनकी दर्शन करने की इच्‍छा है।

जौहरी बाजार के विधायक रहे गुल मोहम्‍मद

बता दें कि गुल मोहम्‍मद छठी राजस्‍थान विधानसभा के लिए जयपुर की जौहरी बाजार सीट से जनता पार्टी के विधायक चुने गए थे। इन्‍होंने मोहम्‍मद गटटार अली को 17 821 वोटों से हराया था।

गुल मोहम्‍मद मंसूरी का परिवार

गुल मोहम्‍मद मंसूरी जयपुर के 761 सार्दुलसिंह की नाल गणगौर बाजार निवासी हाजी छत्‍तर खां के घर 15 अगस्‍त 1945 को जन्‍मे थे। माफिया बेगम से शादी की। इनके तीन बच्‍चे हैं।

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