RK Kothari : राजस्थान विवि के कुलपति ने अपनी तनख्वाह में से 363 विद्यार्थियों में बांट दिए 22 लाख रुपए
जयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी के कुलपति आरके कोठारी अपनी तनख्वाह से विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। रिटायरमेंट के बाद जुलाई 2017 में कुलपति बने प्रोफेसर कोठारी अपने 31 माह के कार्यकाल में विश्वविद्यालय से वेतन नहीं लिया। वेतन के 22 लाख रुपए साढ़े तीन सौ से ज्यादा विद्यार्थियों में बांट दिए। आरयू कुलपति का जिम्मा संभालने के साथ ही प्रोफेसर कोठारी ने घोषणा की थी कि उनकी मंशा है जिस विश्वविद्यालय से पढ़कर करीब 30 वर्षों तक बतौर प्रोफेसर अध्ययन-अध्यापन का कार्य किया, वहीं कुलपति बनकर इस समाज को कुछ लौटाया।

आरयू में आर्थिक सहायता कोष बनाया
राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति बनने के साथ ही प्रोफेसर कोठारी ने आरयू में एक आर्थिक सहायता कोष की स्थापना की। इसके तहत कमेटी के निर्णय के अनुसार छात्रवृत्ति का वितरण करने की योजना शुरू की गई। प्रो. कोठारी के वेतन से हर महीने यूजी और पीजी की कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे होनहार जरूरतमंद स्टूडेंट्स को 6000 रुपए की छात्रवृति के चेक बांटे जा रहे हैं। अब तक 363 स्टूडेंट्स को करीब 22 लाख रुपए की राशि बांटी जा चुकी हैं।

छात्राओं के साथ-साथ छात्रों की भी मदद
स्टूडेंट्स का कहना है कि कई छात्राएं प्रतिभावान होने के बाद भी आर्थिक हालातों के चलते पढ़ाई पूरी नहीं कर पा रही थीं, लेकिन इस छात्रवृत्ति की वजह से अब वह अपनी पढ़ाई पूरी कर पा रही हैं। कुलपति द्वारा सिर्फ छात्राओं को ही छात्रवृत्ति का वितरण नहीं हो रहा है, बल्कि 2 छात्राओं पर एक छात्र को भी स्कॉलरशिप दी जा रही है।

अन्य शिक्षक भी करना चाहते हैं मदद
कुलपति की पहल को देखते हुए आरयू के कई अन्य शिक्षक भी इस सकारात्मक परंपरा को आगे बढ़ाने की तमन्ना रखते हैं। शिक्षकों की मानें तो कुलपति की पहल से बच्चों को पढ़ाई में काफी राहत मिली है। आर्थिक हालात के चलते कई स्टूडेंट्स बीच राह अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं, लेकिन इससे कुछ हद तक विद्यार्थियों की मदद हो सकी है। कुलपति कोठारी का कार्यकाल जुलाई तक बाकी है। तब तक वे अपना पूरा वेतन जरूरतमंद स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति के तौर पर देंगे।












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