Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Rajasthan News: विपक्ष को गठबंधन या फिर संगठन की जरूरत क्यों ? जानिए सियासी मायने

Rajasthan News: देश में लोकसभा चुनाव 2024 का बिगुल बच चुका है। सत्ताधारी एनडीए का मुकाबला करने के लिए 26 विपक्षी दलों ने मिलकर नया गठबंधन इंडिया बनाया है। इससे पहले बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को सत्ता से बाहर रखने के लिए लोकसभा चुनाव के बाद यूपीए बना था। हालांकि यूपीए गठबंधन साल 2004 से लेकर 2014 तक ही सत्ता में रह सका। इसके बाद 2014 में केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनी। बीते दस सालों में सरकार में रहते हुए बीजेपी और एनडीए सियासत में मजबूत होकर उभरे हैं। अब सवाल उठता है कि विपक्ष को अलायन्स या फिर आर्गेनाइजेशन करने कि जरूरत क्यों पड़ गई है। विपक्ष ने हाल ही में जो इंडिया गठबंधन बनाया है। वह कोई खास असर नहीं छोड़ पाया है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में देश में सत्ता में रहते हुए बीजेपी जिस तरह मजबूत होकर उभरी है। उससे मुकाबला करने के लिए किसी गठबंधन या संगठन की नहीं एक मजबूत पार्टी की जरूरत है। बीजेपी से मुकाबला करने का माद्दा अब कांग्रेस में नहीं रहा है। जानकार कहते हैं कि देश में एक नए दल की दरकार है। जो सत्ता परिवर्तन कर सके।

क्या है कांग्रेस का लक्ष्य

राजनीति के जानकार बताते हैं कि देश में कांग्रेस के लक्ष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस पार्टी क्या देश की जनता की सेवा करना चाहती है या सत्ता में आने के लिए सेवा का सिर्फ ढोंग रच रही है। कुछ महीनों पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी। इस यात्रा से राहुल गांधी चर्चाओं में आने में तो कामियाब रहे। लेकिन आम चुनाव नजदीक आते-आते राहुल गांधी और भारत जोड़ो यात्रा दोनों गौण हो गए हैं। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि बीजेपी और नरेंद्र मोदी यह समझने में कामियाब रहे हैं कि देश की जनता का मूड क्या है। यही वजह है कि वे सत्ता में बरकरार हैं। वे कहते हैं कि जब तक कांग्रेस को यह समझ आएगा। तब तक बहुत देर हो जाएगी।

nda allince

AAP या TMC के अलावा मुख्य धारा की सियासत में कौन

देश में पिछले कुछ समय से सियासत में बीजेपी का जिस तरह एकाधिकार हुआ है। उसने देश में घटक दलों की चिंता बढ़ा दी है। राजनीति से जुड़े लोग बताते हैं कि देश में कौनसा राजनीतिक दल बचा है। जो मुद्दों पर सियासत कर रहा है। दरअसल, राजनीतिक परिवेश में पिछले कुछ समय में जिस तरह से परिवर्तन हुए हैं। उसके बाद राजनीतिक दलों के पास मुद्दे नहीं बचे हैं। वे सवाल उठाते हुए कहते हैं कि AAP और TMC के अलावा कौनसी पार्टी है। जो आम नागरिकों की समस्या के बारे में सोच रही है। आगे कहते हैं कि क्या भारत ट्रान्जेक्शनल पॉलिटिक्स करने लगा है। मौजूदा दौर की सियासत में देश को एक ऐसी पार्टी की जरूरत है। जो आम जनता की सोच और समस्याओं को समझते हुए मुद्दों की राजनीति करें। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि क्या अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, मक स्टैलिन एक जुट होकर एक ही पार्टी की कल्पना कर सकते हैं। जिसकी मौजूदा दौर में सबसे ज्यादा जरूरत भी महसूस की जा रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+