Rajasthan News: परिवर्तन यात्रा से पहले वसुंधरा की देवदर्शन यात्रा, कहा- "बड़ा काम करने से पहले दर्शन जरूरी"
Rajasthan News: राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की परिवर्तन शनिवार से शुरू होगी। इससे पहले प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे प्रदेश में देवदर्शन यात्रा पर निकल गई हैं। वसुंधरा राजे द्वारा परिवर्तन यात्रा से पहले देवदर्शन यात्रा से राजस्थान की सियासत गरमा गई है। सियासी गलियारों में अटकलों के दौर शुरू हो गए हैं। सूत्रों की मानें तो वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को चारभुजा, नाथद्वारा और त्रिपुरा सुंदरी मंदिरों के दर्शन कर पूजा अर्चना की है। इस दौरान चारभुजानाथ के दर्शन के बाद वसुंधरा राजे ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जब भी कोई बड़ा काम करती हूँ मैं। हमेशा चारभुजानाथ के दर्शन करके उनका आशीर्वाद लेकर निकलती हूँ। उनका आशीर्वाद और जनता का आशीर्वाद ये मेरे लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। भगवान ने तो हमें छप्पर खोल के आशीर्वाद दिया है। बहुत प्यार दिया है और आशीर्वाद दिया है। अब वसुंधरा राजे के इस बयान के सियासी गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं।
राजस्थान में भाजपा की परिवर्तन यात्रा कल से
राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा परिवर्तन यात्रा निकालने जा रही है। हालांकि भाजपा ने इस परिवर्तन यात्रा को लेकर चेहरों की घोषणा नहीं की है। राजस्थान में पार्टी चार धार्मिक स्थलों से इस यात्रा का आगाज करेगी। भाजपा की इस यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शामिल होंगी या नहीं। इस बात की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक परिवर्तन यात्रा को 2 सितम्बर को सवाई माधोपुर के त्रिनेत्र गणेश मंदिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, 3 सितम्बर को गृह मंत्री अमित शाह बेणेश्वर धाम, 4 सितंबर को रामदेवरा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और 5 सितम्बर को गोगामेड़ी से सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी रवाना करेंगे।

यात्रा का चेहरा नहीं होने से कार्यकर्ताओं में असमंजस
भाजपा ने राजस्थान में चुनाव से पहले परिवर्तन यात्रा निकालने का फैसला किया है। पार्टी प्रदेश में चार प्रमुख धार्मिक स्थलों से यात्रा का आगाज करेगी। इसके बाद यह यात्राएं जिलों और विधानसभाओं तक जाएगी। प्रदेश में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में प्रदेश में निकलने वाली इस यात्रा में स्थानीय चेहरा नहीं बनाए जाने से पार्टी कार्यकर्ताओं में असमंजस और निराशा है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि प्रदेश में भाजपा की निर्णय लेने की देरी से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे राजस्थान में कांग्रेस को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार प्रदेश में घोषणाएं और योजनाएं लाकर आमजन के बीच जगह बना रहे हैं।












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