Rajasthan news : भाजपा के शीर्ष नेता हाईकमान पर बना रहे संगठन महामंत्री बदलने का दबाव, जानिए पूरी रणनीति
भाजपा में अध्यक्ष बदले जाने के बाद नेताओं की लंबी चुप्पी टूटी है। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने संगठन महामंत्री चंद्रशेखर को लेकर शीर्ष नेतृत्व को शिकायत भेजी है। इसे बदलाव के लिए दबाव के तौर पर देखा जा रहा है।

Rajasthan news : राजस्थान में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के प्रदेश स्तरीय नेताओं ने पार्टी हाईकमान पर संगठन महामंत्री के बदलने को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। पार्टी के उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को संगठन महामंत्री को लेकर शिकायतों का बड़ा पुलिंदा बनाकर भेजा है। इसमें चंद्रशेखर की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसी कड़ी में पार्टी के दो बड़े नेताओं के नाम और जुड़ गए हैं। चर्चा है कि नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और वसुंधरा राजे के करीबी माने जाने वाले पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने भी चंद्रशेखर की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इन नेताओं ने भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को चंद्रशेखर की भूमिका को लेकर शिकायत की है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि इसी साल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले संगठन महामंत्री को बदले जाने को लेकर आवाज उठने लगी है। आपको बता दें सतीश पूनिया जब पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष थे तब भी उनके चंद्रशेखर से संबंध बहुत अच्छे नहीं थे।
प्रदेशाध्यक्ष और संगठन महामंत्री दोनों ब्राह्मण
राजनीति के जानकार मानते हैं कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर दोनों ब्राह्मण समुदाय से आते हैं। जानकार बताते हैं कि प्रदेश में ओबीसी वर्ग को राजनीति में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने में नाराजगी है। इसी के फलस्वरूप ऐसी मांग उठ रही है। ताकि प्रदेश में सभी वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके। वे बताते हैं कि इसका दूसरा पहलू वर्चस्व की लड़ाई भी है। प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर पार्टी के कामकाज में किसी नेता को ज्यादा दखलंदाजी नहीं करने देते हैं। इससे पार्टी के अन्य प्रदेश स्तरीय नेताओं में नाराजगी है। यह भी एक बड़ी वजह है कि पार्टी के नेताओं ने चंद्रशेखर के खिलाफ मोर्चा खोला है।
भाजपा का अशोक गहलोत से मुकाबला
राजस्थान में विधानसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला कांग्रेस के साथ ही अशोक गहलोत से है। सीएम अशोक गहलोत ने जनकल्याणकारी योजनाओं से आमजन के बीच अपनी पैठ मजबूत की है। भाजपा विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ने की बात करती है। लेकिन पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर अनेक दावेदार हैं। राजनीति के जानकार कहते हैं पार्टी के नेताओं को एकजुट कर चुनाव मैदान में उतरना भाजपा के लिए कड़ी चुनौती है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने के बाद पार्टी में धड़ेबाजी भले ही कम हुई हो। लेकिन नेताओं की दावेदारी जस की तस बरकरार है।












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