Rajasthan News: प्रदेश के नेताओं की प्रेशर पॉलिटिक्स से टल रहा मंत्रिमंडल गठन, जानिए कौन किस पर बना रहा दबाव
Rajasthan News: राजस्थान में मंत्रिमंडल के गठन को लेकर इंतजार किया जा रहा है। प्रदेश में किसी भी वक्त मंत्रिमंडल का गठन किया जा सकता है। नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर राजभवन अलर्ट मोड पर है। लेकिन जिस तरह नए मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण में वक्त लग रहा है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि प्रदेश के नेताओं की प्रेशर पॉलिटिक्स के चलते मंत्रिमंडल का गठन टल गया है। प्रदेश के नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा पर अपने चहेते नेताओं को मंत्री बनाने का दबाव बनाया जा रहा है। चर्चा है कि पार्टी के नेताओं का सीएम शर्मा पर दबाव इस कदर है कि उन्हें फैसले लेने में दिक्क्त आने लगी है।
इन नेताओं द्वारा बनाया जा रहा दबाव
राजस्थान में विधानसभा चुनाव में जनता ने बीजेपी को स्पष्ट बहुमत देकर सत्ता सौंप दी है। पार्टी ने विधायक दल की बैठक में भजन लाल शर्मा को मुख्यमंत्री बना दिया है। लेकिन उनकी टीम के गठन को लेकर पेंच फंस गया है। प्रदेश में भाजपा में कई गुट हैं। ऐसे में अलग-अलग नेताओं द्वारा सीएम शर्मा पर अपने चहेतों को मंत्री बनाने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सबसे ज्यादा दबाव राजेंद्र राठौड़ द्वारा बनाया जा रहा है। राजेंद्र राठौड़ 'सुपर सीएम' बनने की भी कोशिश कर रहे है। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी दिल्ली में बैठकर अप्रत्यक्ष तौर पर राजस्थान की राजनीति में दखल कर रहे हैं। चर्चा है कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने बिड़ला की मदद से आरएएस अधिकारी योगेश श्रीवास्तव को सीएम का ओएसडी तैनात करवा दिया है। उधर उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी भी मंत्रिमंडल में विभाग को लेकर सीएम भजन लाल शर्मा पर पूरा दबाव बनाए हुए हैं।

वसुंधरा राजे के दखल की भी चर्चा
राजस्थान में मंत्रिमंडल के गठन को लेकर पेंच फंसा हुआ है। माना जा रहा कि प्रदेश के नेताओं के दबाव के चलते लगातार मंत्रिमंडल का गठन टाला जा रहा है। मंत्रिमंडल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे दखल की भी पूरी चर्चा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे अपने गुट के सीनियर नेताओं को मंत्री बनाए जाने को लेकर अड़ी हुई हैं। राजे ने अपने गुट के आठ नेताओं के नाम आगे कर रखे हैं। लेकिन राजनीतिक समीक्षक इस चर्चा को सिरे से खारिज करते हैं। समीक्षक कहते हैं कि पूर्व सीएम राजे ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को साफ कर दिया है कि मंत्रिमंडल के गठन में उनका कोई दखल नहीं होगा। यह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री के क्षेत्राधिकार का मामला है। इस पर वे ही फैसला करेंगे।
विभागों के बंटवारे पर फंसा पेंच
राजस्थान में मंत्रिमंडल के गठन में देरी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों को लेकर सब कुछ तय हो चुका है। अब सिर्फ विभागों के बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व चाहता हैं कि मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के साथ ही मंत्रियों को विभाग दे दिए जाए। ऐसे में किस मंत्री के पास कौनसा विभाग होगा। इसे लेकर मंथन किया जा रहा है।












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