Rajasthan News: बीजेपी वसुंधरा राजे को बना सकती है इलेक्शन कैम्पेन कमेटी की चैयरमेन, जानिए सियासी वजह
Rajasthan News: राजस्थान में चार महीने बाद विधानसभा चुनाव हैं। बीजेपी ने मंगलवार को चार राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। साथ ही पार्टी ने एटाला राजेंद्र को तेलंगाना में बीजेपी की चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। चर्चा है कि पार्टी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को इलेक्शन कैम्पेन कमेटी की चैयरमेन बना सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी के पास समय बहुत कम बचा है। ऐसे में प्रदेश में कई अहम पदों पर नियुक्तियों का दौर शुरू होने वाला है। इसी के चलते राजस्थान में नियुक्तियां होगी। हालांकि पार्टी से जुड़े प्रदेश के नेताओं का एक वर्ग वसुंधरा विरोधी है। लेकिन जनाधार के मामले में वे राजे के आगे नहीं टिकते हैं।
पीयूष गोयल को प्रभारी बनाएं जाने की भी चर्चा
पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में चुनाव नजदीक आने के साथ ही पार्टी के प्रभारी भी बदले जा सकते हैं। चर्चा है कि पार्टी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राजस्थान में प्रभारी लगा सकती है। प्रदेश में प्रभारी बदले जाने की चर्चा लंबे समय से चल रही है। विधानसभा चुनाव भी नजदीक हैं। ऐसे में पार्टी प्रदेश में नया प्रभारी नियुक्त कर सकती है। इससे पहले गुजरात बीजेपी के अध्यक्ष सीआर पाटिल को राजस्थान प्रभारी बनाने की भी चर्चा थी। सूत्र बताते हैं कि पार्टी संगठन महामंत्री चंद्रशेखर को बदलने के मूड में दिखाई नहीं दे रही है। पार्टी उनके साथ एक और सह संगठन महामंत्री नियुक्त कर सकती है।

केंद्र में वसुंधरा विरोधी खेमा सक्रिय
पार्टी सूत्रों की मानें तो बीजेपी में एक बड़ा वर्ग है। जो नहीं चाहता कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पार्टी में मुख्यधारा में आए। प्रदेश में नेताओं का एक बड़ा वर्ग वसुंधरा विरोधी है। वहीं पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर भारी गुटबाजी भी है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, पूर्व अध्यक्ष सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ खुद मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। लेकिन ये तमाम नेता जनाधार के मामले में वसुंधरा राजे से बहुत पिछड़े हुए हैं। ऐसे में पार्टी किसी भी सूरत में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की अनदेखी नहीं कर सकती है। यही वजह है कि पार्टी वसुंधरा राजे को तरजीह देती है।












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