Rajasthan News: सीएम गहलोत का बड़ा सियासी दांव, गैर टीएसपी शिक्षकों की जगह मिलेगी आदिवासियों को नियुक्ति
Rajasthan News: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मानगढ़ दौरे के दौरान राजस्थान में जातिगत जनगणना का बड़ा ऐलान करने के साथ ही गैर टीसी शिक्षकों का तबादला कर स्थानीय आदिवासियों को नियुक्ति देने की बात दोहराई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन के दौरान आदिवासी क्षेत्र की सबसे बड़ी मांग टीएसपी क्षेत्र के बाहर के शिक्षकों की जगह स्थानीय आदिवासियों को नियुक्ति देने का ऐलान करते हुए कहा कि टीएसपी क्षेत्र की सबसे बड़ी डिमांड है कि यहां टीएसपी क्षेत्र के बाहर के लोग नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में सरकार ने फैसला किया है कि 2000 शिक्षकों का तबादला किया जाएगा। जो बाहर के हैं और उनकी जगह आदिवासी छात्रों को मौका मिलेगा। राजनीतिक गलियारों में इसे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विधानसभा चुनाव से पहले बड़े दांव के तौर पर देखा जा रहा है। आपको बता दे कि गहलोत सरकार ने पिछले दिनों टीएसपी क्षेत्र में नॉन टीएसपी क्षेत्र के कर्मचारियों की बहुत सालों से ट्रांसफर की मांग को स्वीकार करते हुए इस संबंध में आदेश जारी किए थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर यह जानकारी भी दी थी।
टीएसपी क्षेत्र के निवासियों को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लंबे समय से टीएसपी क्षेत्र में कार्य कर रहे नॉन टीएसपी क्षेत्र के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांग को पूरा करते हुए प्रारंभिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा के अनुसूचित क्षेत्र में कार्यरत अध्यापक लेवल 1 एवं 2 के 1903 अध्यापकों को दिए गए विकल्प की प्राथमिकता के अनुसार गैर अनुसूचित क्षेत्र में समायोजन के लिए आदेश जारी किए हैं। इन रिक्त पदों पर अब टीएसपी क्षेत्र के निवासियों की भर्ती वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया से की जाएगी। माना जा रहा है कि टीएसपी क्षेत्र के निवासियों को प्राथमिकता देने से वहां की सियासत में बड़ा असर हो सकता है।

लगभग 2000 शिक्षकों को मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस फैसले के बाद टीएसपी क्षेत्र में कुल 1903 नॉन टीएसपी क्षेत्र के अध्यापकों को नौकरी दी गई थी। राज्य सरकार द्वारा बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सिरोही में शिक्षकों की नई भर्ती के बाद वहां से 1930 नॉन टीएसपी क्षेत्र के शिक्षकों को राहत मिल गई है। अब यह शिक्षक जयपुर, सीकर, झुंझुनू जैसे जिलों में जा सकेंगे। इससे इनकी वरिष्ठता पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। प्रदेश के शिक्षकों की सरकार से यह वर्षों पुरानी मांग थी। इसे प्रदेश के बड़े सियासी घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। आपको बता दें राजस्थान में डूंगरपुर बांसवाड़ा प्रतापगढ़ और सिरोही में इसका बड़ा असर देखने को मिलेगा। यह जिले टीएसपी क्षेत्र में आते हैं। गहलोत सरकार ने इन जिलों में मजबूती के लिए यह फैसला लिया है। इसे राजस्थान में 4 महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।












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