मां-बाप व 2 भाइयों के मर्डर केस में हाईकोर्ट ने रद्द की उम्रकैद की सजा, 15 साल बाद भी सवाल हत्‍यारा कौन?

चार लोगों की हत्‍या के मामले में परिवार के एक सदस्‍य राजेंद्र कुमार को एडीजे कोर्ट चौमूं ने नौ साल पहले उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

Rajasthan High Court

मां-बाप व दो भाइयों की हत्‍या के मामले में राजस्‍थान हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का उम्रकैद के आदेश रद्द करते हुए वर्षों से जेल में बंद राजेंद्र कुमार को दोषमुक्‍त कर रिहाई का रास्‍ता का खोला है। अब 15 बाद यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर चार लोगों का हत्‍यारा कौन?

करीब 15 साल पुराने चार लोगों की हत्‍या के मामले में परिवार के एक सदस्‍य को दोषी मनते हुए एडीजे कोर्ट चौमूं ने 9 साल पहले उम्रकैद की सजा सुनाई। राज्‍य सरकार ने मामले को रेयरेस्‍ट बताते हुए मृत्युदंड दिलाने के लिए अपील दायर की, हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट कोर्ट का सजा का आदेश रद्द कर दिया।

राजस्‍थान हाईकोर्ट ने अभियोजन कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि वारदात के समय राजेंद्र कुमार के मोबाइल की लोकेशन का रिकॉर्ड ही पेश नहीं किया गया। पुलिस ने केवल कुछ लोगों की बातों को आधार बनाकर चालान पेश कर दिया और वे भी ट्रायल के दौरान पक्षद्रोही हो गए। पुलिस ने जिनसे हत्‍या की जानकारी मिलने का दावा किया, उन्‍होंने पुलिस पर ही जबरन बयान लिखने का आरोप मढ दिया। जो कैनुला व इंजेक्‍शन पुलिस ने जब्‍त किए, उन पर एफएसएल जांच में जहरीली दवा के प्रमाण ही नहीं मिले। जहां शव मिले, व‍ह कमरा अंदर से बंद था।

बता दें कि गोविंदगढ़ पुलिस थाना इलाके में छीतरमल, उनकी पत्‍नी चंदा और बेटे सुरेश व शुभकरण का शव 13 सितम्‍बर 2008 को बंद कमरे में मिला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छीतरमल के रिश्‍तेदार मोहनलाल शर्मा समेत अन्‍य की लिखित रिपोर्ट पर हत्‍या के आरोप में राजेंद्र कुमार को अरेस्‍ट किया। पुलिस ने चार्जशीट में कहा कि राजेंद्र मेडिक्‍ल से संबंधित काम करता था। उसने चारों को पीलिया को टीका लगाने के नाम पर जहर का इंजेक्‍टशन लगा दिया था।

पुलिस ने इंजेक्‍शन की खाली बोतल, सीरिंज, कैनुला सहित अन्‍य सामान जब्‍त कर कोर्ट में पेश किया, जिसके आधार पर ट्रायल कोर्ट ने राजेंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई। राज्‍य सरकार ने सजा को कम बताते हुए फांसी की सजा के लिए अपील दायर की। वहीं, राजेंद्र के अधिवक्‍ता राजेश कुमार शर्मा ने आरोप मुक्‍त करने के लिए अपील दायर कर कहा कि पुलिस ने मनमाने तरीके से राजेंद्र को फंसाया है। उसके खिलाफ कोई साक्ष्‍य ही नहीं है।

Panchayati Raj Diwas 2023: देश में पंचायती राज व्‍यवस्‍था की नींव राजस्‍थान के नागौर से ही क्‍यों रखी गई?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+