Panchayati Raj Diwas 2023: देश में पंचायती राज व्यवस्था की नींव राजस्थान के नागौर से ही क्यों रखी गई?
Panchayati Raj Diwas: 2 अक्टूबर 1959 को देश में पहली बार राजस्थान के नागौर में पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई। तब खुद तत्कालीन पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरु नागौर आए थे।

Panchayati Raj Diwas History in Hindi: राजस्थान के नागौर जिला मुख्यालय पर पुलिस लाइन परिसर में एक चबूतरा है, जो भारत में पंचायती राज व्यवस्था लागू होने का गवाह है। 2 अक्टूबर 1959 को तत्कालीन पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरु नागौर आए थे और महात्मा गांधी की जयंती पर देश में पहली बार पंचायती राज व्यवस्था की नींव रखी।
क्या है पंचायती राज व्यवस्था?
पंचायती राज व्यवस्था के तहत भारत के ग्रामीण इलाकों का आर्थिक रूप से विकास करना है। पंचायती राज व्यवस्था के त्रि-स्तरीय संगठीय ढांचे (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद) के तहत नई ग्रामीण सभाओं की स्थापना करना और ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले चुनावों को निष्पक्ष और समय से पूर्ण करवाना है।
लिखमाराम चौधरी बने थे देश के पहले जिला प्रमुख
नागौर जिले के गांव जनाना निवासी लेखमा राम भाकल को देश का पहला जिला प्रमुख बनने का गौरव हासिल हुआ। तीन बार नागौर में निर्विरोध चुने गए। 22 जून 1922 को जन्मे भाकल का 30 जून 2009 में निधन हो गया था।

2010 में पंचायती राज दिवस घोषित
2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर से भारत में पंचायती राज व्यवस्था लागू हुई। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु खुद नागौर आए थे। फिर तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने 24 अप्रैल 2010 को पहला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस घोषित किया था। नागौर जिले में पंचायती राज लागू करने वाला राजस्थान पहला राज्य था। राजस्थान के बाद आंध्र प्रदेश का स्थान था जिसे वर्ष 1959 में भी लागू किया गया था।
मिर्धा परिवार की वजह से नागौर का चयन!
नागौर की भून्डेल ग्राम पंचायत के सरपंच धर्मेंद्र गौड़ ने बताया कि नागौर से ही पंचायती राज व्यवस्था लागू होने की पुख्ता वजह तो कभी सामने नहीं आई, मगर नागौर को चुनने का श्रेय मिर्धा परिवार को दिया जाता है, क्योंकि नागौर का मिर्धा परिवार आजादी के समय से सक्रिय भूमिका में रहा। केंद्र में कांग्रेस सरकार में भी नागौर के मिर्धा परिवार अच्छी पकड़ रही थी।












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