राजस्थान: सीएम गहलोत का डूंगरपुर और बारां जिले का दौरा, कहा "पशु पक्षियों के लिए अस्पताल सबसे बड़ी सेवा"
सीएम गहलोत ने बारां जिले के गांव बड़ा में महावीर निशुल्क पशु पक्षी अस्पताल मोबाइल ट्रॉमा सेंटर का शुभारंभ के अवसर पर कहा कि पशु पक्षियों के प्रति हमारी संवेदना और चेतना ही समाज की चेतना को अभिव्यक्त करती है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पर्यावरण के साथ-साथ हमारे आसपास रहने वाले जीवो का संरक्षण तथा उनके प्रति दया और करुणा का भाव रखना मानव समाज का एवं दायित्व पशु पक्षियों के प्रति हमारी संवेदना और चेतना ही समाज की चेतना को अभिव्यक्त करती है। इस अस्पताल और मोबाइल ट्रॉमा सेंटर में बीमार तथा घायल पशु पक्षियों का तत्काल उपचार मिल सकेगा। सीएम गहलोत ने मंगलवार को बारां जिले के गांव बड़ा में महावीर निशुल्क पशु पक्षी अस्पताल मोबाइल ट्रॉमा सेंटर का शुभारंभ के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण पृथ्वी पर जीवन की बुनियादी जरूरत है। पर्यावरण की इस धरोहर को आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित सपना हमारा कर्तव्य है। सीएम गहलोत ने कहा कि यह नवनिर्मित अस्पताल अपने आप में अनूठा है। जिसमें पशु पक्षियों के लिए आउटडोर इनडोर से ही संपूर्ण उपचार की सुविधाएं हैं।

अस्पताल में होगी यह सुविधाएं
प्रदेश में पहली बार पशु पक्षियों के लिए अत्याधुनिक मशीनों के साथ सुविधाएं स्थापित की गई है। नए अस्पताल में पशु-पक्षियों का इलाज ऑपरेशन आईसीयू वार्ड तथा एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध है। वित्तीय वर्ष 2023 के बजट में गोवंश तथा पशु संपदा के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। लंपी रोग से जुझारू गोवंश की मृत्यु के पर प्रति गाय 40 हजार की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री कामधेनु बीमा योजना के तहत प्रति परिवार दो दुधारू पशुओं के लिए 40-40 का बीमा करवाया जाएगा। जिस पर 750 करोड़ रुपए का व्यय होगा। योजना से 20 लाख से अधिक पशुपालक लाभान्वित होंगे। पशुओं के निशुल्क टीकाकरण तथा गौशालाओं एवं नंदी शालाओं के लिए 1100 सौ करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान बजट में किया गया है।












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