Rajasthan के दौसा में राहुल गांधी जब मीणा हाईकोर्ट पहुंचे तो लगे किरोड़ी मीणा के नारे, जानिए वजह
दौसा में रात्रि विश्राम के लिए जब राहुल गांधी मीणा हाईकोर्ट पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों ने किरोड़ी लाल मीणा के समर्थन में नारेबाजी की। दौसा में पुलिस का रवैया यात्रियों और नेताओं का प्रति अच्छा नहीं था।
Rajasthan में भारत जोड़ो यात्रा दौसा जिले से गुजर रही है। दौसा जिले में प्रवेश के दूसरे दिन यात्रा का विश्राम नांगल राजावतान स्थित मीणा हाईकोर्ट में रहा। दौसा जिले में यात्रा की सबसे खास बात यह थी कि पुलिस का इतना जबरदस्त इंतजाम था कि जो कांग्रेस जन और आम लोग राहुल गांधी की झलक पाने के लिए सड़कों पर पूरे दिन से खड़े रहे। उन्हें सिर्फ धक्के खाने को मिले और पुलिस ऐसा व्यवहार कर रही थी। जैसे कि दोसा जिले में राहुल गांधी को सबसे बड़ा खतरा हो। पुलिस का जो महत्वपूर्ण काम था। उसमें वह नाकाम नजर आई। जिस मीणा हाईकोर्ट में राहुल गांधी का रात्रि विश्राम रखा गया था। वहां जब राहुल गांधी पहुंचे तो राहुल गांधी और कांग्रेस जिंदाबाद के नारे नहीं लगे। बल्कि भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोडी लाल मीणा के पक्ष में इतनी नारेबाजी हुई कि कांग्रेसजन और तमाम पुलिस प्रशासन भौचक्का रह गया। यह वही पुलिस थी जो एक दिन पहले युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास से उलझ रही थी और जिला काग्रेस अध्यक्ष सहित कई नेता, मंत्री, विधायकों को धक्के मार रही थी।

पुलिस से उलझते नजर आए नेता और पत्रकार
दरअसल हुआ ऐसा कि दौसा जिले में जैसे ही यात्रा पहुंची तो वहां मौजूद पुलिस का व्यवहार ऐसा था। जैसे राहुल गांधी को देखने आने वाले आम लोग कोई अपराधी हो और जो कांग्रेसजन यात्रा में साथ चल रहे हैं। वह किसी गुनाह में शामिल हैं। लालसोट से लेकर मीणा हाईकोर्ट तक पहुंची यात्रा में पुलिस सड़क किनारे खड़े लोगों को लगातार धक्के मार कर रही। जो कांग्रेसजन यात्रा में लगातार साथ चल रहे थे। पुलिस उन्हें भी यात्रा मार्ग से हटाकर बार-बार सड़क के नीचे धक्के देकर उतार रही थी। यहां पर पुलिस इतनी बड़ी संख्या में थी कि राहुल गांधी भी नजर नहीं आ रहे थे। केवल पुलिस वाले नजर आ रहे थे। यह हाल तो तब था जब पुलिस के अधिकांश लोगों को सादा वर्दी में लगाया गया था। वर्दीधारी पुलिस अलग से मौजूद थी। पुलिस का इतना भारी इंतजाम देखकर कई कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता पुलिस से उलझते नजर आए। इतना ही नहीं पुलिस मीडिया और मंत्री, विधायकों से ठीक तरीके से पेश नहीं आ रही थी।

पुलिस के सिपाही से लेकर आला अधिकारी तैनात
लालसोट से शुरू हुई इस यात्रा में ऐसा लग रहा था मानो पुलिस ने तय कर रखा है कि राहुल गांधी के नजदीक आम जनता तो क्या कोई नेता भी नहीं पहुंच पाएगा। आखिरकार ऐसा क्यों हो रहा था इसका जवाब देने वाला कोई नहीं था। इस व्यवस्था में न सिर्फ दौसा जिले का पुलिस बल बल्कि आईजी रेंज और कई जिलों के पुलिस अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में उपाधीक्षक भी लगाए गए थे। सवाल उठता है कि आखिरकार सरकार को ऐसे इंतजाम क्यों करने पड़े।













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