Prahlad Meena : पिता के साथ खेत में काम करने वाला 5 बहनों का इकलौता भाई 5 सरकारी नौकरी छोड़ बना IPS
जयपुर, 21 जून। जो लोग सोचते हैं कि उनके जीवन में बहुत संघर्ष है। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति सफलता की राह में रोड़ा है तो ऐसे लोगों को राजस्थान के दौसा जिले की रामगढ़ पचवारा तहसील छोटे से गांव आभानेरी के प्रहलाद सहाय मीना की सक्सेस स्टोरी जरूरी जाननी चाहिए। इन्हें खेतों में काम करना पड़ा। मवेशी तक चराए और आज आईपीएस हैं।

आईपीएस प्रहलाद मीना की सक्सेस स्टोरी
2017 बैच के आईपीएस प्रहलाद मीना का जिक्र आज हम इसलिए कर रहे हैं कि इनकी सक्सेस स्टोरी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। खुद आईपीएस मीना व आईपीएस विजय सिंह गुर्जर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इनकी स्टोरी शेयर कर रखी है।

आईपीएस प्रहलाद मीना का साक्षात्कार
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में आईपीएस प्रहलाद मीना ने शून्य से शिखर तक का अपना पूरा सफर बयां किया। बताया कि साधारण किसान परिवार में जन्मा। ग्रामीण परिवेश में पला-बढ़ा। बेइंतहा गरीबी देखी। इन सबके बावजूद माता-पिता में स्कूल-कॉलेज की ओर बढ़ते कदम कभी नहीं रोके। नतीजा यह रहा है कि एक नहीं बल्कि छह बार सरकारी नौकरी लगे।

पिता बटाई पर करते थे खेती
प्रह्लाद सहाय के पिता शिवराज मीना के पास सिर्फ दो बीघा जमीन थी, जिससे घर चलाना मुश्किल था। ऐसे पिता बटाई पर खेती करते थे। उसमें पत्नी प्रेमी देवी व पांच बेटियां और बेटा प्रह्लाद मीणा काम करते थे। प्रह्लाद सहाय मीणा कहते हैं कि वे स्कूल की छुट्टी होने के बाद सीधे ही खेत में चले जाते थे। वहां पर शाम तक काम करने के बाद घर लौटते थे। पिता के साथ मवेशी भी चराया करते थे।

पढ़ाई में होशियार थे प्रह्लाद सहाय मीना
प्रह्लाद सहाय मीना ने 12वीं तक की पढ़ाई रामगढ़ पचवारा के सरकारी स्कूल से की है। दसवीं में 70 फीसदी और 12वीं में 71 फीसदी अंक हासिल किए थे। कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद माता-पिता ने प्रह्लाद सहाय मीना को कॉलेज की पढ़ाई के लिए राजधानी जयपुर भेज दिया। यहां पर किराए का रूम लेकर रहे और राजस्थान कॉलेज जयपुर से कला संकाय से स्नातक की।

प्रह्लाद सहाय मीना की 6 सरकारी नौकरी
1. साल 2008 में बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई के दौरान मीना
का चयन भारतीय रेलवे के भुवनेश्वर बोर्ड में गैंगमैन पद पर हुआ।
2. दूसरी नौकरी भारतीय स्टेट बैंक में सहायक/एलडीसी पर लगी। इस नौकरी के साथ-साथ मीना ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी पूरी की।
3. 2010 में भारतीय स्टेट बैंक में ही परिविक्षाधीन अधिकारी के पद पर चयन हुआ।
4. साल 2011 में रक्षा मंत्रालय के रक्षा लेखा विभाग में सहायक लेखा अधिकारी के पद पर पुणे में ज्वाइन किया।
5. पांचवीं नौकरी के रूप में रेलवे मंत्रालय में सहायक अनुभाग अधिकारी बने। दिल्ली में ज्वाइन किया।
6. साल 2017 में चौथे प्रयास में 951 रैंक पर यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास करके ओड़िशा कैडर के आईपीएस बने।
घर आते हैं तब करते हैं खेत में काम
ओड़िशा के नवरंगपुर बतौर एसपी कार्यरत प्रह्लाद सहाय मीना की पत्नी भी सरकारी नौकरी में हैं। वे राजस्थान सचिवालय में यूडीसी के रूप में सेवाएं दे रही हैं। प्रह्लाद मीना छह भाई बहनों में दूसरे नंबर के हैं। इन्हें गांव से काफी लगाव है। अब भी गांव आते हैं तो पिता के साथ खेत में काम करते हैं।












Click it and Unblock the Notifications