Churu Murder Case : 19 साल में हुए ये चार हत्याकांड कभी नहीं भूल पाएगा चूरू का राजगढ़
चूरू। राजस्थान-हरियाणा सीमा पर स्थित चूरू जिले का राजगढ़ (सादुलपुर) इलाका खेलों में सिरमौर है, मगर राजगढ़ अपराधों का भी गढ़ है। सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिले में सबसे अधिक संगीन वारदातें अकेले राजगढ़ क्षेत्र में होती हैं। 5 फरवरी 2021 की शाम को राजगढ़ उपखंड के गांव ढाणी मौजी में दिनदहाड़े गोलियां चली हैं। चार लोगों की हत्या हो गई है। ढाणी मौजी हत्याकांड समेत बीते 19 साल के दौरान राजगढ़ में चार बहुचर्चित हत्याकांड हो चुके हैं, जिन्हें लोग शायद ही कभी भूल पाएं।
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1. प्रदीप स्वामी हत्याकांड
5 फरवरी 2021 को चूरू जिले के हमीरवास पुलिस थाना इलाके के गांव ढाणी मौजी में प्रदीप स्वामी जैतपुरा हत्याकांड हुआ है। इसमें प्रदीप स्वामी के साथ ही रिटायर्ड टीचर निहाल सिंह सरावग, ईश्वरसिंह नाई व एक शूटर की मौत हुई है। प्रदीप स्वामी हमीरवास पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर और अजय जैतपुरा गैंग का मुख्य सरगना था। वारदात को अंजाम देने का आरोप चूरू जिले की सम्पत नेहरा गैंग पर लगाया जा रहा है। सम्पत नेहरा गैंग की ओर से प्रदीप स्वामी को पूर्व में धमकी भी मिल चुकी थी।

2. सुमेर फगेड़िया हत्याकांड
25 सितम्बर 2002 को सुमेर फगेड़िया हत्याकांड ने चूरू के रोंगटे खड़े कर दिए थे। जगह थी राजगढ़ का न्यायालय परिसर। यहां गांव लम्बोर निवासी सुमेर फगेड़िया पर अंधाधुंध गोलियां चली। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी इतने बेखौफ थे कि वे गोलियों से छलनी सुमेर का शव तक उठाकर ले गए, जो आज तक नहीं मिला। सुमेर फगेड़िया हत्याकांड का मुख्य आरोपी राजगढ़ से बसपा नेता रहे वीरेंद्र न्यांगली को बनाया गया था। यहीं से एक पुरानी रंजिश के घाव फिर ताजा हो गए थे।

3. वीरेन्द्र न्यांगली हत्याकांड
06 फरवरी 2009 के दिन वीरेंद्र न्यांगली को मारकर सुमेर फगेड़िया हत्याकांड का बदला लिया गया। राजगढ़ के शीतला चौक पर शाम करीब साढ़े चार बजे गोली मारकर वीरेंद्र न्यांगली की हत्या की गई। गांव न्यांगली के सवाई सिंह के बेटे वीरेंद्र न्यांगली की हत्या के बाद सादुलपुर व चूरू जिला मुख्यालय समेत जिले में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। बाइक पर सवार होकर आए बदमाशों ने न्यांगली पर गोलियां दागी थी। वीरेंद्र के चचेरे भाई विजेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

4. अजय जैतपुरा हत्याकांड
17 जनवरी 2018 को राजगढ़ में अपराध ने फिर इतिहास दोहराया। 16 साल पहले सुमेर फगेड़िया की तरह वर्ष 2018 में हार्डकोर अपराध अजय जैतपुरा की हत्या की गई। 33 वर्षीय अजय जैतपुरा को राजगढ़ मिनी सचिवालय स्थित मुंसिफ मजिस्ट्रेट न्यायालय कोर्ट में पेश किया जा रहा था। तब कोर्ट रूम में अजय जैतपुरा को गोलियों से भून दिया गया था। आरोप बदमाश मिंटू मोडासिया व संपत नेहरा गैंग पर लगे थे। प्रदीप स्वामी इस मामले में मुख्य गवाह था।












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