कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया टलने की संभावना, गहलोत ने कहा- मैं थां सूं दूर नहीं
जयपुर, 26 अगस्त। कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव कार्यक्रम को 2 महीने के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने पद पर बने रहेंगे। पार्टी सूत्रों की मानें तो 28 अगस्त को होने वाली कार्यसमिति की बैठक में चुनाव कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चुनाव दीपावली के बाद संभव हो सकता है। पार्टी की रणनीति के मुताबिक 4 सितंबर की रैली और उसके बाद 7 सितंबर से निकाली जा रही भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग जोरशोर से उठाई जाएगी। जिससे राहुल फिर से अध्यक्ष बनने के लिए तैयार हो जाए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद राहुल को फिर से कमान संभालने की लगातार मांग कर रहे हैं। इसी बीच में अध्यक्ष के नाम पर गहलोत समेत कई नामों की चर्चा मीडिया में है। इधर गहलोत विरोधी खेमा भी प्रदेश में सक्रिय हो गया है। हालांकि पार्टी ने 28 की कार्यसमिति की बैठक की घोषणा कर सभी चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। गांधी परिवार भी विदेश में है। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी कोई बड़ा फैसला नहीं लेगी।

गहलोत ने कहा राजस्थान से अंतिम सांस तक दूर नहीं रहूंगा
कांग्रेस अध्यक्ष पद की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को बारां के अंता में कहा है कि 28 अगस्त को चुनाव का कार्यक्रम घोषित होगा। उसने तय होगा कि चुनाव की प्रक्रिया क्या रहेगी मैं आपके बीच हूँ, मैं थां सू दूर नहीं हूँ। मैं प्रदेश से जीवन की अंतिम सांस तक दूर नहीं रहने वाला हूँ। चाहे कोई जिम्मेदारी हो चाहे कुछ भी करूं। मेरे जेहन के अंदर जिस प्रदेश के अंदर पैदा हुआ। जहां के हालात मैंने बचपन से देखे हैं। उससे दूर नहीं रहने वाला गहलोत के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि वे प्रदेश की राजनीति से दूर नहीं होने वाले हैं।

दिसंबर तक टल सकती है चुनाव प्रक्रिया
कांग्रेस कि 28 अगस्त को होने वाली बैठक मैं अध्यक्ष की स्थिति साफ होने की संभावनाएं बहुत कम है। एक तो पूरा गांधी परिवार देश से बाहर है। दूसरा पिछले चुनाव दिसंबर 2017 में हुए थे। ऐसे में पिछले चुनाव को पूरे 5 वर्ष इसी साल दिसंबर में होंगे संभावना है कि दिसंबर तक अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया को टाला जा सकता है। वही राहुल गांधी की 7 सितंबर से होने वाली भारत जोड़ो यात्रा के चेहरे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अगर यात्रा का चेहरा राहुल गांधी होंगे तो फिर गैर गांधी अध्यक्ष बनाने का कोई फायदा नहीं। कांग्रेस को इस वक्त ऐसे चेहरे की जरूरत है। जिससे पार्टी मजबूती के साथ देश में उभर सके।













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