गांधी जयंती पर छलक उठा राजस्थान के गांधी का दर्द, अपने विरोधियों पर ऐसे बरसे अशोक गहलोत

जयपुर, 3 अक्टूबर। गांधी जयंती के मौके पर राजस्थान के गांधी के नाम से जाने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का दर्द छलक उठा। अशोक गहलोत ने इस दिन ना केवल महात्मा गांधी को नमन किया। बल्कि मीडिया के सामने अपने दिल की बात भी कह दी। राजस्थान के मुख्यमंत्री को लेकर चल रही अनिश्चितता के बीच अशोक गहलोत अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। गांधी जयंती पर गहलोत ने कांग्रेस हाईकमान की ओर से पर्यवेक्षक के तौर पर राजस्थान आए अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे को ही निशाने पर ले लिया। राजस्थान आए पर्यवेक्षकों को निशाने पर लेते हुए गहलोत ने कहा कि वे कांग्रेस अध्यक्ष की सोच और व्यवहार के ढंग से काम करें। ताकि ऑरा बना रहे। राजस्थान का केस अलग हो गया। यह तो इतिहास में लिखा जाएगा।

ashok gahlot

गहलोत समर्थक विधायकों की बगावत

गहलोत समर्थक विधायकों की बगावत

राजस्थान में 25 सितंबर को दिल्ली से आए पर्यवेक्षक अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने विधायक दल की बैठक बुलाई थी। बैठक में नए मुख्यमंत्री को लेकर फैसला होना था। उसी दौरान अशोक गहलोत के समर्थक विधायकों ने मंत्री शांति धारीवाल की अगुवाई में बगावत कर दी। उन्होंने विधायक दल की बैठक के समानांतर बैठक आयोजित कर विधायक दल की बैठक में जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद तकरीबन 82 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। इससे राजस्थान की राजनीति में भूचाल आ गया।

दोनों खेमों की ओर से शुरू हो गई बयानबाजी

दोनों खेमों की ओर से शुरू हो गई बयानबाजी

राजस्थान में 25 सितंबर की घटना के बाद गहलोत और पायलट गुट के विधायकों की ओर से बयानबाजी शुरू हो गई। इस बयानबाजी से खफा होकर कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल को विधायकों को बयानबाजी के रोकने के लिए एडवाइजरी जारी करनी पड़ी। इसमें कहा गया कि कोई भी नेता पार्टी के आंतरिक मामलों को लेकर बयान बाजी करेगा तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में 2 दिन तो शांति बनी रही। लेकिन जैसे ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बीकानेर के दौरे पर गए उन्होंने बयान बाजी कर एक बार फिर मामले को गरमा दिया।

जिन 102 विधायकों ने सरकार बचाई उन्हें कैसे धोखा देता

जिन 102 विधायकों ने सरकार बचाई उन्हें कैसे धोखा देता

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर अशोक गहलोत ने कहा कि जिन 102 विधायकों ने सरकार बचाने में सहयोग किया। उन्हें धोखा देकर कैसे कांग्रेस अध्यक्ष बन सकता था। आप खुद सोचिए मैं उन्हें कैसे धोखा दे दूँ। इसलिए मैंने कांग्रेस अध्यक्ष के से माफी मांगना मंजूर किया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का पार्टी में इतना योगदान रहा है। मुझे बहुत संकोच हो रहा था। मैं उन्हें जाकर क्या कहूंगा। इस दौरान गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी तो हर वक्त सरकार को डिस्टर्ब करने की कोशिश करेगी। उनका बस चले तो वे सरकार गिरा दे।

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