OPINION: कोटा चंबल रिवर फ्रंट से पर्यटन को नए पंख लगाने की तैयारी में अशोक गहलोत, जानिए पूरा मामला
राजस्थान में गहलोत सरकार चहुंमुखी विकास और योजनाओं के साथ पर्यटन पर भी फोकस कर रही है। कोचिंग हब के नाम से मशहूर कोटा शहर अब पर्यटन के लिहाज से भी पहचान बनाने के लिए अग्रसर हो गया है। प्रदेश के कोटा शहर में चम्बल नदी के किनारे 1442 करोड़ की लागत से आलीशान चंबल रिवर फ्रंट तैयार किया गया है। यह रिवर फ्रंट गुजरात के साबरमती रिवर फ्रंट के तर्ज पर तैयार किया गया है। गहलोत सरकार का दावा है कि चंबल रिवर फ्रंट से हाड़ौती में पर्यटन को बढावा मिलेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा चंबल रिवर फ्रंट का लोकार्पण करना था। इसके लिए पूरी सरकार को आमंत्रित भी किया गया था। लेकिन अपरिहार्य वजह से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपना दौरा रद्द करना पड़ा। बाद में शहरी और निकाय मंत्री शांति धारीवाल ने इसका लोकार्पण किया। हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अगले दिन कोटा दौरे पर रहे। इस रिवर फ्रंट को लेकर गहलोत सरकार भाजपा के निशाने पर है। लेकिन हाड़ौती में इसे लेकर पूरी उत्सुकता है।
कोटा शहर को बाढ़ से मिलेगी राहत
रिवर फ्रंट के बनने से चंबल नदी के किनारे बसी सभी बस्तियां बाढ़ से मुक्त हो चुकी हैं। वहीं इस प्रोजेक्ट के कारण चंबल नदी में बैराज के डाउनस्ट्रीम में गिर रहे सभी गंदे नालों को ट्रैप कर नाले के पानी को एसटीपी के जरिए से रिसाइकिल किया गया है। इसके लिए 2 किमी दूर बालिता में एसटीपी लगाया गया है। जबकि पंपिंग स्टेशन नयापुरा स्थित छोटी पुलिया के पास बनाया गया है। यहां से गंदा पानी एसटीपी में जाता है।

दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ब्रांड एंबेसडर
दुनिया के पर्यटन नक्शे पर कोटा को लाने के लिए यूआईटी अब पर्यटन नगरी के रूप में भी कोटा शहर का प्रचार प्रसार करवाएगी। इसके लिए बॉलीवुड स्टार दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह को ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। दोनों से यूआईटी का एक साल का करार हो चुका है। दोनों 13 सितंबर को कोटा आएंगे। इसके बाद वह भी पूरे साल भर तक कोटा शहर का प्रमोशन करेंगे। जिसकी थीम रखी गई है कोटा नहीं देखा तो क्या देखा।
चम्बल रिवर फ्रंट की यह है खासियत
कोटा के चंबल रिवर फ्रंट पर घाटों की खुबसूरती की बात के बिना रिवर फ्रंट अधूरा ही रहेगा। यहां के 27 घाटों में सबसे खास होगी 25 फीट लंबी,15 फीट चौड़ी, 20 फीच ऊंची, दुनिया की अभी तक की सबसे बड़ी नन्दीजी की प्रतिमा। जो नंदी घाट पर स्थापित हैं। इसके ही बगल में गीता घाट हैं। जहां 3 भाषाओं हिन्दी-संस्कृत-अंग्रेजी में गीताजी के 18 अध्यायों के श्लोक वियतनाम मार्बल की विशाल पट्टिकाओं पर उकेरे गए हैं। यहां के वैदिक घाट पर बाडोली शैली के 5 विशिष्ट मंदिर हैं। शांति घाट पर इन्विजिबल योगी की अद्भुत थ्रीडी प्रतिमा हैं। जो चलते हुए एक दिशा में दिखती हैं। वहीं ठीक सामने आते ही गायब हो जाती हैं।












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