OPINION: राजस्थान में किसान सम्मेलनों के जरिए कृषक वर्ग को साध रहे अशोक गहलोत, जानिए पूरी वजह

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार किसानों और पशुपालकों के हितों के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसके लिए गहलोत सरकार राजस्थान में किसान सम्मेलन आयोजित कर रही है। इसमें राज्य के प्रत्येक जिले से प्रगतिशील, नवाचारी और पुरस्कृत श्रेणी के कृषकों को संवाद के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। सम्मेलन में किसानों को कृषि क्षेत्र की नवीनतम विधाओं, नवाचारों और जन कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया जा रहा है। इसके साथ ही उन्नत किसानों को पुरस्कृत भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा में बुधवार को किसान सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संबोधित किया।

किसान सम्मेलन को कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने किया संबोधित

सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बीजेपी वाले कुछ नहीं करेंगे। केवल कांग्रेस को गालियां देते रहेंगे। बार-बार हमसे पूछते हैं कि 70 साल में कांग्रेस ने क्या किया। कांग्रेस ने 53 साल ही राज किया है। राजस्थान में किसान को जमीन का मालिक किसने बनाया। कांग्रेस ने बनाया। लैंड रिफॉर्म यहां कांग्रेस ने किया। इंदिरा गांधी ने राजा-महाराजाओं की तनख्वाह बंद कर दी। बीजेपी वाले परिवारवाद की बात करते हैं। किसके लिए बोलते हैं। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में कश्मीर से कन्या कुमारी तक पैदल चले हैं। पैदल चलकर लोगों का दुख-दर्द समझा है। हम भारत जोड़ो कहते हैं तो वे भारत तोड़ो कहते हैं।

ashok gehlot

किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार की कोशिश

गहलोत सरकार से जुड़े लोग कहते हैं कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। कृषक वर्ग कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति -2019 के तहत राज्य सरकार से अनुदान पाकर अपनी फसल को खेत के निकट ही प्रसंस्करित कर आय में वृद्धि कर रहे हैं। किसानों को राज्य में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए नीति के तहत दो करोड़ 60 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा नीति के तहत अब तक 1 हजार 110 इकाइयों के लिए 399 करोड़ 40 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है। इन इकाइयों के माध्यम से राज्य में 2 हजार 582 करोड़ 61 लाख रुपए का निवेश हुआ है। वे बताते हैं कि राज्य में उत्पादित कृषि जिन्स जैसे जीरा, धनिया, लहसून, ईसबगोल, अनार, खजूर के निर्यात को बढ़ावा मिल रहा है।

किसानों को गहलोत सरकार दे रही सब्सिडी

गहलोत सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत पांच करोड़ रुपए तक की पूंजीगत लागत से नवीन कृषि प्रसंस्करण उद्योग की स्थापना के लिए किसान या उनके संगठन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए लागत का 75 प्रतिशत या अधिकतम एक करोड़ 50 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जा रहा है। अन्य पात्र उद्यमियों के लिए लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम एक करोड़ 50 लाख रुपए तक का अनुदान है। प्रोत्साहन के तौर पर राज्य सरकार द्वारा विद्युत प्रभार पर 5 साल तक 2 लाख रुपए प्रतिवर्ष देने का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने पर 10 लाख रुपए का अनुदान दिया जा रहा है।

इस काम के लिए किसानों को मिल रहा अनुदान

प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर किसानों को पूंजीगत अनुदान के अतिरिक्त ऋण पर ब्याज अनुदान देकर लाभान्वित किया जा रहा है।जिसमें किसानों को 6 प्रतिशत की दर से अधिकतम एक करोड़ रुपए तक का ब्याज अनुदान अनुदान देय है। वहीं अन्य को 5 प्रतिशत की दर से अधिकतम 50 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जा रहा है।

चुनाव से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बड़ा दांव

राजस्थान में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजस्थान में बड़ा तबका कृषि कार्य से जुड़ा है। राजनीति के जानकार गहलोत सरकार द्वारा किसानों और पशुपालकों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं को विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। जानकार कहते हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा चुनाव में किसानों और पशुपालकों को साधने के लिए इस तरह के प्रयास कर रहे हैं।

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