राजस्थान में घटी अपराधों की संख्या, सीएम बोले-भ्रष्टाचार के प्रति अपनाई जीरो टॉलरेंस की नीति
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में एसीबी ने राज्य में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। प्रदेश में अपराध में 5 फीसदी की कमी आई है। हमने हर आपराधिक कृत्य पर एफआईआर अनिवार्य कर दी है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। लेकिन विपक्ष केवल इसकी आलोचना कर रहे हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य में किसी भी आपराधिक कृत्य के मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए।

प्रदेश में अपराध की संख्या में 5 फ़ीसदी कमी आई
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि एनसीआरबी के अनुसार 2019 की तुलना में 2021 में राजस्थान में अपराधों की संख्या में 5 फीसदी की कमी आई है। जबकि गुजरात, मध्यप्रदेश सहित 17 राज्यों में अपराध में बढ़ोतरी हुई है। गुजरात में 69 प्रतिशत हरियाणा में 24% और मध्य प्रदेश में 20% की बढ़ोतरी हुई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। लेकिन विपक्ष केवल इसकी आलोचना कर रहे हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य में किसी भी आपराधिक कृत्य के मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम मोदी से ओपीएस को बहाल करने और देश में सामाजिक सुरक्षा के संबंध में एक कानून पारित करने की भी अपील कीमुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि एनसीआरबी के अनुसार 2019 की तुलना में 2021 में राजस्थान में अपराधों की संख्या में 5 फीसदी की कमी आई है। जबकि गुजरात, मध्यप्रदेश सहित 17 राज्यों में अपराध में बढ़ोतरी हुई है। गुजरात में 69 प्रतिशत हरियाणा में 24% और मध्य प्रदेश में 20% की बढ़ोतरी हुई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। लेकिन विपक्ष केवल इसकी आलोचना कर रहे हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य में किसी भी आपराधिक कृत्य के मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए।

8 फरवरी को किया जाएगा बजट पेश
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 8 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा इस बार बजट युवाओं, छात्रों और महिलाओं को ध्यान में रखते हुए पेश किया जाएगा। गहलोत ने कहा कि ओटीएस में आज चिंतन शिविर का दूसरा दिन है। इस शिविर में हम यह रिव्यू कर रहे हैं कि सरकार की पिछले 4 साल की उपलब्धियां क्या-क्या है। हमने जन घोषणापत्र में जो वादे किए थे। जो बजट पेश किए थे उसमें हम कहां तक पहुंचे हैं। कहां हमने उपलब्धियां हांसिल की है। कहां कमी रही है। मुझे खुशी है कि अधिकांश मंत्रियों ने अपनी परफॉर्मेंस दी है। मंत्रालय की भी खुद की भी और यह प्रयास किया है कि जो बजट घोषणा की थी। वह कैसे पूरी हुई। किस प्रकार जन घोषणा पत्र का अधिकांश हिस्सा कंप्लीट हो गया। जो विभाग रह गए हैं। उन्हें लेकर आज और बातचीत की जा रही है।













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