Kanak Jain : कौन हैं RAS कनक जैन जो दूसरी ही पोस्टिंग में हुई Suspend, वकीलों का नाम लेना पड़ा भारी
KANAK JAIN : कौन हैं RAS कनक जैन जो दूसरी ही पोस्टिंग में हो गई Suspend, वकीलों का नाम लेना पड़ा भारी
Kanak Jain RAS Suspension : राजस्थान प्रशासन सेवा की अधिकारी कनक जैन चर्चा में हैं। वजह ये है कि ये अपनी दूसरी ही पोस्टिंग में निलंबित हो गई हैं। कनक जैन का निलंबन नगर निगम जयपुर (हैरिटेज) के सिविल लाइंस जोन में उप-आयुक्त पद से हुआ है। राजस्थान कार्मिक विभाग की ओर बुधवार शाम को जारी आरएएस अधिकारी कनक जैन के निलंबन आदेशों में कहा गया है कि उनके खिलाफ विभागीय जांच चलने की वजह से उनको निलंबित किया गया है।

आरएएस अधिकारी कनक जैन मूलरूप से बीकानेर की रहने वाली
बता दें कि आरएएस अधिकारी कनक जैन मूलरूप से बीकानेर की रहने वाली हैं। 25 मई 1980 को जन्मी कनक जैन आरएएस 2021 बैच की अधिकारी हैं। हैरिटेज नगर निगम जयपुर की उप आयुक्त से पहले दौसा जिले के लावां में एसडीएम पद पर सेवाएं दे चुकी हैं।

आरएएस कनक जैन से जुड़ा ताजा विवाद
आरएएस कनक जैन से जुड़ा ताजा विवाद ये है कि इन्होंने चार नवंबर को अपने कार्यालय में एक नोटिस चस्पा करवाया, जिसमें लिखा था कि ' नगर निगम कार्यालय में बहुत से अपराधी, दलाल और वकील घूमते रहते हैं, जो यहां आने वाले लोगों को स्वयं को नगर निगम का कर्मचारी बताकर उनका काम करने का झांसा देते हैं'

मुख्यमंत्री से शिकायत की
नोटिस में वकीलों का नाम लिखवाना आरएएस कनक जैन को भारी पड़ गया। पूरा वकील समुदाय इनके खिलाफ हो गया। बार काउंसिल और वकील समुदाय ने कनक जैन के नोटिस के संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, महापौर आदि से शिकायत की। दैनिक भास्कर से बातचीत में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता आरबी माथुर ने बताया कि वकीलों ने अपने मान सम्मान के लिए हमेशा से लड़ाई लड़ी है। आरएएस अधिकारी द्वारा अपने कार्यालय के बाद ऐसा नोटिस चस्पा करवाना वकीलों का अपमान है। जब भी कोई आम आदमी या सरकारी अधिकारी किसी मामले में फंसते हैं तो उनकी मदद कोई ना कोई वकील ही करते हैं। फिर वकीलों के बारे में ऐसी सोच रखना गलत बात है।

आरएएस अधिकारी कनक जैन से जुड़ा अन्य विवाद
आरएएस अधिकारी कनक जैन से जुड़ा अन्य विवाद भी जुड़ा है। वह यह है कि कब्रिस्तान की दस करोड़ की जमीन का पटटा महज 501 रुपए में देने की तैयारी हो रही थी, जिसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो राजस्थान से की गई थी। एसीबी जांच में कनक जैन की भूमिका संदिग्ध नजर आई थी। वहीं, भास्कर से बातचीत में आरएएस कनक जैन कहती है कि जिस पटटे का जिक्र हो रहा है। वो जारी नहीं किया गया।

नोटिस में भूलवश वकीलों का नाम लिखा गया
नोटिस में वकीलों के नाम का जिक्र किए जाने पर आरएएस अधिकारी कनक जैन कहती हैं कि नोटिस में भूलवश वकीलों का नाम लिखा गया था। उसके लिए उन्होंने वकीलों से क्षमा भी मांग ली थी। वकीलों वाला मामला उस वक्त ही शांत हो गया था। अब पता नहीं सरकार किस मामले में निलंबित किया है।












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