German Chaiwali: कौन हैं ये जर्मन चायवाली, जिसने JLF में साहित्य प्रेमियों को खूब पिलाई केसर वाली चाय?
Who is German Chaiwali: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में जर्मन चायवाली छा गईं। इन्होंने साहित्य प्रेमियों को केसर वाली चाय खूब पिलाई।
जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित जेएलएफ 2024 एंट्री गेट से फ्रंट लॉन की तरफ पेड़ों के बीच रंगी-बिरंगी स्टॉल पर केसर वाली चाय पिलाने वालों में जर्मन चायवाली नाम से भी स्टॉल लगाई थी, जो काफी फेमस हुई है।

दरअसल, जर्मन चायवाली का रियल नाम कोमल है। कोमल कोई जर्मनी से नहीं बल्कि जयपुर से है। ये जयपुर में विदेशी भाषाएं सिखाने वाली टीचर हैं। युवाओं को फॉरेन लैंग्वेज सीखने के लिए प्रेरित भी करती है।
मीडिया से बातचीत में जर्मन चायवाली कोमल कहती हैं कि पिछले साल के जेएलएफ में उनकी टीम ने फ्री में केसर वाली चाय पिलाई थी। इस बार टीम वर्क के लिए बतौर वॉलंटियर काम किया है।
जर्मन चायवाली के अनुसार पिछले दिनों जयपुर में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों जयपुर आए। उनके दौरे के बाद यूरोप में भारतीय लोगों और स्टूडेंट की डिमांड काफी बढ़ गई है।
उल्लेखनीय है कि जेएलएफ में सोमवार को आखिरी दिन पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी शामिल हुईं। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि मेरे पिता प्रणब मुखर्जी इंदिरा गांधी के अंधभक्त थे, क्योंकि वह उनकी मेंटर थीं।
जब वे मंत्री बने थे तब इंदिरा गांधी ने उन्हें धोती कुर्ता छोड़कर सूट पहनने के लिए कहा था। इंदिरा गांधी ने मेरे पिता के इंग्लिश एक्सेंट (बंगाली) को लेकर आपत्ति जताई थी।












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