खनन विभाग में 482 करोड़ के ठेकों की ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू, ऐसे कर सकते हैं आवेदन
जयपुर, 6 सितम्बर। राजस्थान की गहलोत सरकार ने माइंस रायल्टी ठेकों के जरिए प्रदेश में रोजगार और निवेश के अवसर तलाशने शुरू कर दिए है। इसके जरिए हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम विभाग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने खनन पट्टों से निकलने वाले खनिज पर देय राजस्व की वसूली के लिए 26 जिलों के 61 रॉयल्टी ठेकों की ई-प्लेटफार्म पर नीलामी प्रकिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि माइंस विभाग द्वारा जारी खनन पट्टों से निकाले जाने वाले खनिज पर वसूल किए जाने वाले रॉयल्टी कलेक्शन कॉन्ट्रेक्ट, एक्सेस रॉयल्टी, कलेक्शन कॉन्ट्रेक्ट, जिला स्तरीय मिनरल फाउण्डेशन ट्रस्ट, राज्य स्तरीय मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट आदि के लिए दिए जाएंगे।


प्रदेश के 26 जिलों में वसूली के ठेके
डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि 482 करोड़ 40 लाख रुपए से अधिक की आरक्षित राशि के इन ठेकों की ई-नीलामी सूचना जारी कर दी गई है। आरसीसी, ईआरसीसी, डीएमएफटी और आरएसएमईटी वसूली के यह ठेके 26 जिलों के खनिज अभियंताओं के क्षेत्राधिकार के हैं। इनमें जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बाड़मेर, उदयपुर, सिरोही, नागौर, भीलवाड़ा, पाली, भरतपुर, झुन्झुनू, हनुमानगढ़, प्रतापगढ़, कोटा, श्रीगंगानगर, करौली, बूंदी, चित्तोडगढ़, दौसा, अलवर, डूंगरपुर, राजसमंद, झालावाड, बारां, चुरू व टोंक जिले में स्थित खननपट्टों, लाईसेंसों, व परमिट क्षेत्रों में विभिन्न खनिजों की रॉयल्टी आदि वसूली से संबंधित हैं।

आम आदमी ले सकता है ई-नीलामी में हिस्सा
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि देश-दुनिया में कहीं से भी कोई भी व्यक्ति इस ई-नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेगा। इसके लिए माइंस विभाग ने ई-ऑक्शन की पारदर्शी व्यवस्था से राज्य के 61 रॉयल्टी ठेकों की ई-नीलामी के लिए विभागीय वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी के साथ ही भारत सरकार द्वारा खनिजों के नीलामी के ऑनलाईन एमएसटीसी पोर्टल पर ई-नीलामी की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि ई-ऑक्शन में हिस्सा लेने वाले इच्छुक व्यक्तियों को भारत सरकार के पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। वहीं पहले से पंजीकृत व्यक्ति, फर्म या कंपनी को दुबारा पंजीयन की आवश्यकता नहीं होगी।

सरकारी राजस्व में होगी बढ़ोतरी
एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि यह ठेके मुख्यतः माइनर मिनरल्स ग्र्रेनाइट, जिप्सम, मारबल, मेसेनरी स्टोन, क्वार्ट्ज, फैल्सपार, केलस्टाइन, सोपस्टोन, सिलिका सेंड आदि की खानों से आरआरसी, ईआरआरसी, डीएमएफटी, आरएसएमईटी आदि के शुल्क, अधिशुल्क वसूली के लिए दिए जा रहे हैं। ई-प्लेटफार्म पर पारदर्शी व्यवस्था से नीलामी से स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा होने के साथ ही राजस्व वृद्धि की भी संभावना हो जाती है। उन्होंने बताया कि नीलामी के बाद ठेका किसी अन्य को हस्तांतरण, सबलेट तथा सरेण्डर नहीं किया जा सकेगा।

तीन दिन होगी ई-नीलामी की प्रक्रिया
माइंस निदेशक कुंज बिहारी पण्ड्या ने बताया कि 482 करोड़ रुपए से अधिक की आरक्षित राशि के इन रॉयल्टी ठेकों की ई-नीलामी 7,8 व 9 सितंबर को रखी गई है। इन रॉयल्टी ठेकों की नीलामी की विस्तृत जानकारी में ठेकों से संबंधित शर्तें, नियम, प्रक्रिया आदि विभागीय वेबसाइट व भारत सरकार के पोर्टल पर भी देखी जा सकती है। ठेकों की नीलामी प्रक्रिया को पारदर्षी और सुगम बनाने के लिए ही विभाग ने भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से नीलामी की व्यवस्था की है। निदेशक केबी पण्ड्या ने बताया कि दस करोड़ रुपए से अधिक की बिड राशि के ठेकों मे ठेकेदार को स्वयं के खर्चें पर कम्प्यूटराइज्ड तुला यंत्र यानी कम्प्यूटरीकृत तुलाई मशीन लगानी होगा।












Click it and Unblock the Notifications