देवेंद्र झाझड़िया हैं भारत के पहले 'नीरज चोपड़ा', तीसरे स्वर्ण पदक के लिए पैरालंपिक टोक्यो में फेंकेंगे भाला
जयपुर, 10 अगस्त। टोक्यो ओलंपिक 2020 से भारत के लिए इकलौता गोल्ड मेडल हरियाणा के नीरज चोपड़ा लेकर आए हैं। नीरज चोपड़ा ने 87.58 मीटर भाला (जेवलिन थ्रो) फेंककर भारत की झोली में ओलंपिक एथलेटिक्स इतिहास का पहला स्वर्ण पदक डाला। नीरज की कामयाबी के जश्न के बीच हम आपको मिलवाते हैं कि भारत के पहले 'नीरज चोपड़ा' से। इनका नाम है देवेंद्र झाझड़िया।

देवेंद्र झाझड़िया, पैरालंपिक खिलाड़ी, भारत
देवेंद्र झाझड़िया किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। ये वो शख्स हैं, जो नीरज चोपड़ा की ही तरह भाला फेंकते हैं। देवेंद्र दुनिया में जेवलिन थ्रो के नंबर एक खिलाड़ी हैं। फर्क बस इतना है कि देवेंद्र के एक हाथ नहीं होने की वजह से सामान्य की बजाय पैरालंपिक में हिस्सा लेते हैं।

24 अगस्त से शुरू होगा टोक्यो पैरालंपिक 2020
जापान की राजधानी टोक्यो में अब 24 अगस्त से 5 सितम्बर 2021 तक पैरालंपिक होगा, जिसमें जेवलिन थ्रो प्रतियोगिता में भारत की ओर से देवेंद्र झाझड़िया भी मैदान में उतरेंगे। एथेंस व रियो के बाद अब टोक्यो में देवेंद्र की नजर अपने तीसरे ओलंपिक स्वर्ण पदक पर होगी।
देवेंद्र झाझड़िया ने एथेंस व रियो में बनाए दो विश्व रिकॉर्ड
देवेंद्र झाझड़िया पैरालंपिक से भारत के लिए दो बार स्वर्ण पदक लाने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। एथेंस ओलंपिक 2004 से 62.15 मीटर भाला फेंककर विश्व रिकोर्ड बनाकर और पहली बार स्वर्ण पदक लाए। फिर रियो ओलंपिक 2016 में खुद का एथेंस वाला रिकॉर्ड तोड़कर 63.97 के नए विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता।

30 अगस्त को है देवेंद्र झाझड़िया का इवेंट
बता दें कि टोक्यो पैरालंपिक 2020 में हिस्सा लेने के लिए देवेंद्र झाझड़िया 23 व 24 अगस्त को रवाना होंगे। 30 अगस्त को भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े 8 बजे देवेंद्र झाझड़िया का मुकाबला है। फिलहाल देवेंद्र झाझड़िया गुजरात के गांधीनगर में सांई के सेंटर में अभ्यास कर रहे हैं।

सात माह में एक दिन के लिए आए घर
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में देवेंद्र झाझड़िया के भाई अरविंद झाझड़िया बताते हैं कि देवेंद्र झाझड़िया सालभर से गांधीनगर में अभ्यास कर रहे हैं। अक्टूबर 2020 में पिता रामसिंह झाझड़िया का निधन हो जाने पर घर आए थे। उसके बाद सात माह सिर्फ एक दिन के लिए एक बार घर आए।
देवेंद्र को 69 मीटर थ्रो की उम्मीद
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में देवेंद्र झाझड़िया बताते हैं कि उन्हें अपने प्रशिक्षण पर पूरा भरोसा है। वे टोक्यो पैरालंपिक से स्वर्ण पदक जरूर लाएंगे। गांधीनगर में प्रशिक्षण के दौरान सात से आठ किलो वजन कम किया है। ट्रायल में पौने दो मीटर से रिकॉर्ड भी तोड़ा है। साल 2021 में टोक्यो पैरालंपिक में 69 मीटर थ्रो कर तीसरा विश्व रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद है।
भारत की सबसे बड़ी उम्मीद हैं देवेंद्र झाझड़िया
साहित्य अकादेमी से सम्मानित युवा लेखक व खेलप्रेमी कुमार अजय बताते हैं कि देवेंद्र झाझड़िया जेवलिन थ्रो में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी हैं। गर्व होता है कि वे हमारे जिले चूरू से हैं। बीते 19 साल से टीम इंडिया के लिए खेल रहे देवेंद्र झाझड़िया ने अधिकांश मुकाबलों में जश्न का मौका दिया है। पूरे भारत को उम्मीद है कि देवेंद्र झाझड़िया टोक्यो से भी स्वर्ण पदक लेकर आएंगे और वो भी नए विश्व रिकॉर्ड के साथ।

देवेंद्र झाझड़िया की जीवनी
- नाम - देवेंद्र झाझड़िया
- जन्म तिथि - 10 जून 1981
- गांव - झाझड़िया की ढाणी, गांव देवीपुरा, राजगढ़, चूरू, राजस्थान
- माता -जीवनी देवी
- पिता -रामसिंह झाझड़िया
- भाई - बड़े भाई महेंद्र झाझड़िया और जोगेंद्र झाझड़िया
- बहन -चार बहन मायावती, धनपति, किरोड़पति व नीरमा
- पत्नी -मंजू झाझड़िया, पूर्व कबड्डी खिलाड़ी
- बच्चे - बेटी जिया और बेटा काव्यान












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