जयपुर एयरपोर्ट पर CISF के ASI ने मुझसे पूछा-'एक रात की क्या रेट लोगी? फिर ये हुआ, देखें VIDEO
CISF ASI vs SpiceJet Employee Anuradha rani Jaipur Airport: जयपुर में सांगानेर एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ (CISF) के सहायक उप निरीक्षक (ASI) के थप्पड़ मारने वाली स्पाइसजेट एयरलाइंस की महिला कर्मचारी अनुराधा रानी अब मीडिया के सामने आई है और एएसआई पर कई चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में स्पाइसजेट एयरलाइन की महिला क्रू मेंबर ने बताया कि 11 जुलाई 2024 को सुबह साढ़े चार बजे वह जयपुर एयरपोर्ट पर अपना काम करके जा रही थी। तब एएसआई गिरिराज प्रसाद ने उसे रोक लिया। आरोप है कि ASI ने कहा कि 'सीधे-सीधे कहां जा रही हो? हमें भी अपनी सेवा-पानी का मौका दो।'

महिला कर्मचारी ने कहा कि उन्होंने एएसआई से बोला कि उनकी जांच के लिए लेडिज पुलिस को बुलाया जाए तब एएएसआई ने उनसे कहा कि 'एक रात रुकने का क्या लोगी? तुम मेरा कहा मान लो। तुम्हें चैन मिलेगा। तुम्हारा काम जल्दी हो जाएगा।'
महिला कर्मचारी ने कहा कि उन्होंने जब एएसआई के मुंह से ऐसी बातें सुनी तो उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की बात तब एएसआई ने जवाब दिया कि 'तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। तुम जैसी बाजारू औरतें खूब देखी हैं। तुम्हें नौकरी से निकलवा दूंगा। तुम भीख मांगने का मजबूर हो जाएगी।'
उल्लेखनीय है कि निजी एयरलाइंस कंपनी की महिला कर्मचारी द्वारा थप्पड़ मारने पर एएसआई ने उसके खिलाफ पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया। उस पर राजकार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया था। वहीं, महिला ने भी एएसआई पर कई गंभीर आरोप लगाए। गिरफ्तार भी हुई।
महिला को सांगानेर स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जमानत दी। जमानत के बाद महिला मीडिया के सामने आई और आपबीती शेयर की।
कौन हैं एएसआई को थप्पड़ मारने वाली महिला?
महिला ने बताया कि उसे स्पाइसजेट में सीनियर सिक्योरिटी एग्जिकेटिव पद पर काम करते दिसंबर में पांच साल पूरी होने वाले हैं। उसने अलग-अलग एयरपोर्ट पर भी काम किया है। उसका कहना है कि वह भी सिक्योरिटी डिपार्टमेंट में काम कर चुकी है। उसे एयरपोर्ट नियम कायदे पता है। एएसआई उस पर आरोप लगा रहे हैं कि उसके पास एयरपोर्ट एंट्री परमिट कार्ड (AEPC) नहीं था। जबरन अंदर जा रही थी। यह आरोप गलत है।
वहां कोई महिला कर्मचारी नहीं थी
महिला कर्मचारी का यह भी आरोप है कि 'सुबह के समय वहां हर दिन एक महिला कर्मचारी होती है, लेकिन रात में कोई महिला कर्मचारी नहीं होती। ऐसा हर दिन होता है कि हम कैटरिंग वैन लेते हैं, उन्हें पर्ची देते हैं और प्रस्थान हॉल की ओर चले जाते हैं। वहां कभी कोई महिला कर्मचारी नहीं होती..."












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