बुजुर्ग की वसीयत ने खोला 6 साल पुराना राज, बैंककर्मियों ने खाते से निकाले 51 लाख रुपए
जयपुर, 21 अगस्त। एक बुजुर्ग के खाते से बैंककर्मियों की मिलीभगत से 51 लाख रुपए निकाले जाने का मामला सामने आया है। पूरे घटनाक्रम का खुलासा अब छह साल बाद उस वक्त जब बुजुर्ग के बेटे को पिता की मौत के बाद उनकी वसीहत मिली।

पिता ने अपनी वसीहत में इस बात का जिक्र किया। फिर बेटे ने बैंक प्रबंधन और उस समय के स्टाफ के खिलाफ कालवाड़ थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने आईपीसी की दस धाराओं में यह केस दर्ज किया गया है।
कालवाड़ पुलिस ने बताया कि पूरा घटनाक्रम साल 2015 का है। रेनवाल क्षेत्र में रहने वाले गणेश कुमार के पिता गोपाल लाल जाट के साथ यह घटना हुई है। गणेश का कहना है कि करीब सात साल पहले पिता के परिजनों ने अपनी पैतृक सम्पत्ति बेची थी और उनमें से पिता का हिस्सा जो की करीब 51 लाख रुपए बना उसे उनको दे दिया गया।
इस चेक को बैंक में जमा कराने के लिए पिता के किसी परिचित ने कहा। पिता ने कालवाड़ क्षेत्र में ही स्थित एक बैंक में चेक जमा कराने की तैयारी की और इस दौरान अपने एक परिचित को साथ ले लिया। परिचित ने ही दगा दिया। उसने बैंक प्रबंधन के साथ मिलकर खाता तो खुलवा दिया लेकिन इस खाते के अलावा कई अन्य खाली चेक और स्टांप पर साइन करा लिए।
बैंक खाते में जो मोबाइल नंबर लिखा गया वह भी गोपाल जाट या उनके परिवार के किसी सदस्य का नहीं था बल्कि बैंक वालों ने अपना ही नंबर लिख लिया। ताकि जब भी कैश निकाला जा सके तो इसकी सूचना गोपाल जाट तक नहीं पहुंचे। ऐसा हुआ भी। 2015 और 2016 में ही बैंक प्रबंधन और वहां के कुछ स्टाफ एवं गोपाल जाट के एक परिचित ने करीब 25 लाख रुपए कैश और और खातों में जमा करा लिए।
इसकी सूचना गोपाल जाट को नहीं लग सकी। बाद में कुछ दिन पहले गोपाल को इस पूरे घटनाक्रम के बारे में पता चला तो वे बीमार रहने लगे और फिर उनकी मौत हो गई। गोपाल ने अपनी वसीहत में इस पूरे धटनाक्रम का खुलासा किया तब जाकर बेटे गणेश को इसकी जानकारी मिली। गणेश ने पुलिस को उन चेक नंबरों की सूची सौंपी है। जिनकी मदद से रुपए निकाले गए हैं। साथ ही मोतीराम, गौतम गुप्ता समेत एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।












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