Ashok Gehlot ने बोर्डों के पदाधिकारियों सौंपा सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार का जिम्मा, चुनावी मोड में सरकार
Rajasthan के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुके हैं। गहलोत सरकार फ्लैगशिप योजनाओं के भरोसे चुनाव में जाना चाहती है। इन योजनाओं का प्रचार प्रसार का जिम्मा उन्होंने बोर्ड निगम और अकादमियों के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों को सौंपा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को सीएमआर पर बैठक लेकर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी है। गहलोत ने पिछले एक-दो साल में ही अध्यक्ष उपाध्यक्ष को राजनीतिक नियुक्तियां दी है। बैठक में सीएम गहलोत ने सभी को अपनी इच्छा से पसंद के तीन जिलों की सूची मांगी है। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद रहे।

पिछले विधानसभा चुनाव में हारी हुई सीटों पर फोकस करेगी कांग्रेस
राजस्थान में पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी जिन सीटों पर हारी है। उन सीटों पर फोकस करेगी। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों को कहा गया है कि लगातार दो बार से हार रही सीटों पर लोगों के बीच ज्यादा से ज्यादा मुलाकात कर उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में भरपूर प्रचार करें। सत्ता, संगठन, सरकार और प्रशासन के बारे में सरकार को लगातार फीडबैक देते रहे। कोई अधिकारी कर्मचारी अगर ठीक से काम नहीं कर रहा हो तो उसकी कार्यशैली के बारे में भी कांग्रेस मुख्यालय और सरकार तक जानकारी पहुंचाई जाए।

फ्लैगशिप योजनाओं का साहित्य के जरिए प्रचार प्रसार करेगी सरकार
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सभी पदाधिकारियों को सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार का जिम्मा सौंपा है। इसमें सबसे अहम योजना चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना है। मुख्यमंत्री ने सभी को जल्दी से जल्दी सभी फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी के लिए साहित्य उपलब्ध कराने की बात कही है। राजस्थान सरकार साहित्य के जरिए अपने योजनाओं का प्रचार प्रसार करेगी। बैठक में सभी बोर्ड और निगमों के पदाधिकारी मौजूद रहे।













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