माओवादियों ने खूंखार नक्सली हिड़मा की गिरफ्तारी को बताया झूठा
जगदलपुर, 04 फरवरी। माओवाद की दुनिया का एक बड़ा नाम एक बार फिर से सुर्खियों में है। यह वह नाम है ,जो छत्तीसगढ़ के कई बड़े नक्सल हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य तेलंगाना में एक नक्सली ने हथियार के साथ सरेंडर किया है। नक्सली का नाम माड़वी हिड़मा है। नक्सली हिड़मा के सरेंडर के बाद छत्तीसगढ़ और तेलंगाना इन दोनों राज्यों की पुलिस के बीच संशय की स्थिति है। तेलंगाना पुलिस ने गिरफ्तार नक्सली को देश के 5 राज्यों में मोस्ट वांटेड नक्सली बताया है,तो वहीं माओवादियों ने हिड़मा की गिरफ्तारी का खंडन करते हुए ,इसे पुलिस विभाग का माइंड गेम बताया है।

मिली जानकारी के मुताबिक नक्सली हिड़मा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का ही रहने वाला है। जिसे बीते 1 दशक के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए सभी नक्सल हमलों का मास्टर माइंड माना है । हिड़मा वह नाम है जिसने झीरमघाटी नक्सल हमले के अलावा कई बड़ी नक्सल घटनाओं को अंजाम दिया है।
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नक्सलियों ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
दरअसल छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य तेलंगाना के मुलुगु जिले में माड़वी हिड़मा नाम के एक माओवादी ने आत्मसमर्पण किया है। हिड़मा नाम सामने आते ही गृह विभाग चौकन्ना हो गया और आनन फानन में उसे झीरमघाटी कांड और ताड़मेटला घटना समेत कई बड़ी नक्सल घटनाओं का मास्टर माइंड बताते हुए प्रेस रिलीज जारी कर दिया । इधर छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस हिड़मा माड़वी को एक गांव का ही छोटे कैडर का नक्सली बताया है। जिस पर कम से कम 10 हजार और अधिक से अधिक 50 हजार का ही इनाम हो सकता है।
यह नक्सली सुकमा जिले का ही रहने वाला है। माओवादियों ने भी हिड़मा के आत्मसमर्पण की खबर को झूठे प्रचार कहते हुये बयान जारी किया है । माओवादियों में कहा है कि 2 फरवरी को तेलंगाना राज्य के मुलुगु जिला में हिड़मा के गिरफ्तार होने की झूठी खबर पेश की गई है। माओवादियों का मानना है कि पुलिस नक्सलियों के साथ माइंड गेम खेल रही है। नक्सलियों की ओर से यह बात कही गई है कि हिड़मा अभी भी छत्तीसगढ़ में माओवादी संगठन को मजबूती देने की दिशा में काम कर रहा है।












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