माओवादियों ने लगाए पुलिसवालों पर वसूली के आरोप
जगदलपुर,18 जनवरी। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों से ऐसी खबरें लगातार आती रहती हैं,जिसमें नक्सलियों की ओर से ग्रामीणों और व्यापारियों को डरा धमका कर उनसे चंदा वसूला जाता है। लेकिन हाल ही में पुलिस के जवानों पर लगे गंभीर आरोपों के बाद अब नक्सलियों को अपने रसूख के गलत इस्तेमाल का भय सताने लगा है। माओवादियों ने जंगलों मे पर्चे फेंककर पुलिस पर उनके नाम से दहशत फैलाने और वसूली करने का आरोप लगाया है।

माओवादियों ने पर्चे फेंककर लगाए पुलिस पर आरोप
बस्तर संभाग के कांकेर जिले में नक्सलियों ने जंगलों में पर्चे फेंककर बीते दिनों फर्जी नक्सली बनकर डकैती डालने वाले बदमाशों को पुलिस का साथी बताते हुए यह आरोप लगाए हैं कि पुलिसवाले फर्जी माओवादी बनकर ग्रामीणों से वसूली कर रहे हैं। माओवादियों ने यह भी आरोप लगाया है कि नक्सलियों की तरफ से की जाने वाली वसूली के मामलों मे पुलिस जानबूझकर आरोपियों का नाम सार्वजनिक नहीं करती है, क्योंकि उसमें पुलिस के लोग भी शामिल हैं। बहरहाल पर्चा लिखने की जिम्मेदारी राजनांदगांव-कांकेर सीमा डिवीजन के माओवादियों ने ली है।

फर्जी नक्सली बनकर CAF के जवान ने डाली थी डकैती
दरअसल 10 जनवरी को कांकेर के कोड़ेकुर्से थाना क्षेत्र मे पड़ने वाले गुरदाटोला गांव मे एक ग्रामीण के घर कुछ हथियारबंद डकैतों ने रात करीब 2 बजे हथियार लिए धाबा बोला था। लाल सलाम बोलकर खुद को नक्सली बताते हुए बदमाशों ने ग्रामीण से डेढ़ लाख रूपए फिरौती की मांग की थी। डकैतों से ना डरते हुए ग्रामीण चमरू और उसका भाई चमरा ने ग्रामीणों की मदद से बदमाशों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। बदमाशों को हिरासत मे लिए जाने के बाद मे यह खुलासा हुआ कि गिरफ्तार किए गए 3 बदमाशो मे एक जितेंद्र कुमार रामटेके नाम छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स का जवान भी है।यह जवान राजनांदगांव की 8 वी बटालियन मे पदस्थ है और बीते 3 महीने से कैंप से गायब चल चल रहा था।

माओवादी पुलिस को कर रहे बदनाम:छत्तीसगढ़ पुलिस
इसी घटना के आधार पर माओवादी आरोप लगा रहे है कि पूर्व मे कई अन्य गांवों मे नक्सलियों के नाम से हुई वसूली भी पुलिसवालों ने ही की है और इसी वजह से उन मामलों मे आरोपियों के नाम सार्वजनिक नही किये गए। माओवादियों के आरोपो पर कांकेर एसपी शलभ सिन्हा ने वन इंडिया से कहा कि इस घटना के आधार पर नक्सली पूरे पुलिस महकमे को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं जो कि गलत है। कुछ लोगो ने फर्जी नक्सली बनकर लूट करने की कोशिश की थी, जिसपर हमने कार्रवाई भो की थी। हमारी कोशिश रहती है कि हम बेहतर पुलिसिंग के जरिए लोगों की सुरक्षा कर सकें।
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