Jabalpur News: जबलपुर में महिला ने 9 घंटे तक कोबरा सांप के साथ बिताए, तेवर गांव में अनोखी घटना
जबलपुर के तेवर गांव में एक अनोखी घटना सामने आई है, जिसमें एक महिला ने बिना डर के 9 घंटे तक एक कोबरा नाग के साथ अपने घर में बिताए। यह घटना सोमवार रात करीब 1 बजे हुई जब 65 वर्षीय किशन लाल गोटिया शौच के लिए उठे और घर के बाहर साढ़े पांच फीट लंबा कोबरा देखा।
कोबरा देखकर किशन लाल के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत कदम पीछे खींच लिए। इसके बाद कोबरा उनके घर में घुस गया और बगल में रहने वाली सरस्वती पटेल की किचन में चला गया। किशन ने तुरंत अपने बेटे-बहू को घटना की जानकारी दी और सरस्वती को फोन किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कोबरा उनकी किचन की खिड़की से घुस आया है।

सरस्वती पटेल की साहसिकता
सरस्वती ने थोड़ी देर डरने के बाद सोचा कि जो होगा देखा जाएगा और वह सो गईं। सुबह पांच बजे उठकर जब उन्होंने किचन में झाड़ू लगाने की कोशिश की, तो देखा कि सिलेंडर के पास कोबरा फन फैलाए बैठा है। आश्चर्यजनक रूप से, सरस्वती ने न तो डर का सामना किया और न ही चिल्लाईं। उन्होंने यह समझा कि जब तक कोबरा को छेड़ा नहीं जाएगा, तब तक वह कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
दिन की शुरुआत
सरस्वती ने अपने दिन की शुरुआत करते हुए नहाने, पूजा करने और किचन के काम में लग गईं, जबकि उनकी नजरें लगातार कोबरा पर बनी रहीं। उन्होंने अपने साहस और संयम से न केवल खुद को सुरक्षित रखा, बल्कि कोबरा की उपस्थिति के प्रति भी धैर्य बनाए रखा।
रेस्क्यू की प्रक्रिया
सुबह होते ही, सरस्वती ने सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे को बुलाने का निर्णय लिया। गजेन्द्र मौके पर पहुंचे और बमुश्किल कोबरा का रेस्क्यू किया, उसे पकड़कर बरगी के जंगल में छोड़ दिया।
मंगलवार सुबह साढ़े 10 बजे, सरस्वती पटेल ने किशनलाल के परिवार को सूचित किया कि उनके किचन में एक कोबरा अभी भी मौजूद है। इसके बाद जब आसपास के लोगों को इस बात का पता चला, तो उन्होंने तुरंत सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे को बुलाने का निर्णय लिया। करीब 45 मिनट बाद गजेन्द्र तेवर गांव पहुंचे और कोबरा को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया, जिसे बाद में जंगल में छोड़ दिया गया।
सरस्वती का अनुभव
सरस्वती ने बताया कि सोमवार रात, किशनलाल के परिवार वालों ने उन्हें बताया कि किचन में सांप घुस आया है। शुरुआत में वह इसे मजाक समझीं, लेकिन जब पड़ोस की अन्य महिलाएं आईं, तो उन्होंने देखा कि एक साढ़े पांच फीट लंबा कोबरा दरवाजे से होते हुए किचन की ओर जा रहा है।
जब सरस्वती ने किचन का दरवाजा खोला, तो कोबरा की नजर उनकी ओर थी। इसके बावजूद, उन्होंने सुबह 5 बजे उठकर किचन और घर में झाड़ू लगाई और साफ-सफाई की। सरस्वती ने कोबरा के बारे में जानते हुए भी खुद को शांत रखा और किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया।
कोबरा का जहर और प्रभाव
कोबरा में न्यूरोटॉक्सिन जहर होता है, जो काटने के 30 मिनट बाद लक्षण दिखाता है। इसके काटने पर दर्द, सूजन, और पल्स रेट में उतार-चढ़ाव जैसे लक्षण सामने आते हैं। यह जहर नर्वस सिस्टम पर सीधा प्रभाव डालता है, जिससे बेचैनी, उल्टी, पसीना आना, और चक्कर आना जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
यदि मरीज को समय पर इलाज नहीं मिले, तो स्थिति गंभीर हो सकती है, और वह कोमा में जा सकता है। कोबरा के काटने के बाद यदि मरीज को तुरंत वेंटिलेटर और एंटीवेनम मिल जाए, तो जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।












Click it and Unblock the Notifications