Viral फर्जी कलेक्टर की फोटो के सामने असली भी फेल! जबलपुर में दबोंचा गया सनकी शख्स, फिर सामने आया राज
Viral Photo: आईएएस फिर उसके आगे शासन में सेक्रेटरी बनने तक कितने पापड़ बेलने पड़ते हैं, यह उन जगहों पर पहुंचे लोग ही जानते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस के हत्थे चढ़े एक शख्स के लिए ये सब कुछ बाएं-हाथ का खेल था। उसकी फोटो ऐसी कि देखकर असली अफसर तक चकरा गए।
बोर्ड पर मप्र शासन का लोगो, कलेक्टर नरसिंहपुर प्रदर्शित इस तस्वीर में शालीन भाव वाले मुस्कुराते चेहरे वाले शख्स को देखकर भला कौन भरोसा नहीं करेगा कि ये कलेक्टर नहीं हैं? भरोसे की आंखे तब और निकल आती हैं, जब दूसरे फोटो में नरसिंहपुर की कलेक्टर ऋजु बाफना इस शख्स को गुलदस्ता देते हुए स्वागत करते दिखती हैं।
इस शख्स का परिचय आगे बताएंगे। फिलहाल ये जान लीजिए कि जबलपुर पुलिस के चंगुल में यह कैसे फंसा। दरअसल सोशल मीडिया पर नरसिंहपुर कलेक्टर वाली फोटो जब वायरल हुई तो मौजूदा कलेक्टर ऋजु बाफना के पास तक पहुंच गई। तस्वीरों पर नजर पड़ते ही मैडम बाफना भी चकरा गई कि उन्होंने कब इस शख्स को बुके भेंटकर स्वागत किया? एक दिन पहले शाम तक तो वही कलेक्टर की कुर्सी पर बैठी थी। ये शख्स कैसे और कब बैठ गया?

इन तस्वीरों का सरकारी विभाग के अन्य अफसरों में भी हल्ला मचा तो तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। कोई कहने लगा कि शासन ने मैडम को हटा दिया और नरसिंहपुर में नए कलेक्टर साहब ने चार्ज संभाल लिया हैं। लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। असली कलेक्टर मैडम जब फोटो की गहराई में गई तो पता चला कि ये फोटो शॉप पर एडिट की गई फोटो हैं। जिसे मार्फिंग कहते हैं।
इसके बाद फोटो वाले कलेक्टर साहब का पता लगाने कलेक्टर मैडम समेत और कई अधिकारी जुटें। सबसे पहले जिस मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट से ये तस्वीरें वायरल हुई, उसके आधार पर महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में रहने वाले राहुल गिरी का अकाउंट पता चला। जबलपुर पुलिस भी अलर्ट थी। इसी दौरान राहुल पुलिस के चंगुल में फंस गया। पकड़े जाने के बाद जब उससे पूछताछ हुई और उसका मोबाइल खंगाला गया तो केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, अपर सचिव बनने वाली फर्जी न्यूज़ की एडिटेड फोटो मिले।

डीएसपी सुनील नेमा ने बताया कि पकड़ा गया शख्स राहुल गिरी, बीएससी पास हैं। किसी प्राइवेट कंपनी में लैब टैक्नीशियन की नौकरी करता हैं। उसे कलेक्टर-कमिश्नर जैसे बड़े सरकारी पद और हाईप्रोफाइल लीडर्स के साथ फोटो में दिखने की अजीब सनक हैं। इसलिए वह फोटोशॉप पर तरह-तरह से फोटो एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करता था। अफसरों की तरह उसने एक गाड़ी भी किराये पर ले रखी थी। पुलिस को अभी तक इसके बारे में ऐसी कोई और जानकारी हाथ नहीं लगी, जिसमें खुद को कलेक्टर बताते हुए राहुल ने ठगी या फर्जीवाड़ा किया हो। पुलिस ने नरसिंहपुर तहसीलदार की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं।य़ पुलिस भी हैरान है कि किसी व्यक्ति का ये कैसा शौक कि वह अपनी तस्वीरों को इस तरह एडिट कर वायरल करने लगे। उस सोर्स का भी पता लगाया जा रहा हैं, जहां से आरोपी इन तस्वीरों को एडिट करवाता था।












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