कैसे उठ पाता वो, उसे तो मौत ने ही उठा लिया था, 5 साल के बच्चे की मौत का सच
जबलपुर, 01 सितंबर: किसी भी माता-पिता के लिए उसकी औलाद से बढ़कर कुछ नहीं होता। दुनिया के हर दर्द को सहने की ताकत रखने वाली वो मां, अपने 5 साल के बच्चे की मौत को कैसे सहन कर पाती। एमपी के जबलपुर बरगी इलाके में कुछ ऐसा ही हुआ। अस्पताल के बाहर मृत हालत में सीने से चिपके अपने ऋषि को मां उठाती रही। इसका कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। आरोप लगे कि इलाज न मिलने से मासूम की मौत हुई। जबकि सच यह था कि बच्चे का एक पैर जल गया था, और 10 दिनों से इलाज के बीच इन्फेक्शन बढ़ने पर उसकी मौत हो गई।

छाती से चिपका ऋषि और मौत का दर्द
जबलपुर में बरगी तहसील के तिन्हेटा गांव में रहने वाला 5 साल का ऋषि अब इस दुनिया में नहीं है। अस्पताल के बाहर जमीन पर बैठी रोती-बिलखती उसकी मां को कौन समझाए कि अब ऋषि कभी नहीं उठेगा। उसको तो मौत ने हमेशा के लिए उठा लिया। मृत हालत में ऋषि अपनी मामी की छाती चिपका है और उसकी मां उसको उठा रही है। इस मार्मिक स्थिति का वहां मौजूद एक व्यक्ति ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
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सोशल मीडिया के धंधेबाजों का गिरोह
लगता है कि समाज के कुछ तथाकथित ठेकेदार ऐसी मौत या परिस्थितियों के इंतजार में ही रहते है। जबलपुर में पिछले दिनों सामने आई कुछ घटनाएं तो यही बताती है। अपने जिगर के टुकड़े की मौत से परेशान मां को जब सहारे की जरुरत थी। तब समाज के ये ठेकेदार नजर नहीं आए। मौत के बाद उसे तमाशा बनाने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दिया। जिसमें असलियत छुपाते हुए यह दावा किया गया कि इलाज के अभाव में ऋषि की मौत हो गई। वीडियो के साथ यह भी नहीं बताया कि ऋषि कितने दिन से किस वजह से परेशान था।

एक पैर में जल गया था ऋषि
दरअसल करीब 10 दिन पहले ऋषि का एक पैर जल गया था। जिसका इलाज चल रहा था। बरगी के स्वास्थ्य केंद्र में पहले भी इलाज करवाने उसे लाया गया था। बुधवार को इसी दौरान सुबह के वक्त उसकी हालत बिगड़ी और वह कुछ भी बोल नहीं पा रहा था। परिजन उसको अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबलपुर कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी. ने भी इस बात की पुष्टि की। प्रशासन ने भी ऋषि की मौत, जले पैर में इन्फेक्शन बढ़ने की वजह से होना बताई है।

इलाज में लापरवाही के आरोप कितने सच?
सोशल मीडिया पर आधी अधूरी जानकारी के साथ वायरल हुआ वीडियो राजधानी भोपाल तक पहुंचा, जहां स्वास्थ्य मंत्री ने तत्कालिक स्थितियों के मद्देनजर जांच की बात भी कह दी। इधर CMHO डॉ. संजय मिश्रा ने भी घटना के भौतिक सत्यापन के लिए टीम रवाना की। जिसमें पाया गया कि अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर लोकेश श्रीवास्तव ने ही सुबह के वक्त बच्चे को मृत घोषित किया था। परिजन बच्चे को लेकर घर चले गए थे। वापस कुछ तथाकथित मीडिया के लोग कुछ देर बाद जबरदस्ती मृत बच्चे और परिजनों को लेकर अस्पताल पहुँच गए। जहां इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए।

भ्रामक जानकारी फ़ैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
सोशल मीडिया पर गलत जानकारी के साथ इस तरह के वीडियो प्रसारित करने वालों पर प्रशासन शिकंजा कसने की तैयारी में है। इस मामले में शामिल ऐसे लोगों की पहचान भी की जा रही है। कुछ दिनों पहले शहर में नंगे बच्चे को कंधे पर लेकर रिक्शा चालक का इसी तरह एक और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मानवीयता के आधार पर सरकार ने आर्थिक मदद भी की थी। लेकिन बाद में पता चला कि लाभार्थी पिता उस आर्थिक मदद को नशाखोरी में उड़ा रहा है।












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