Jabalpur News: प्रियांश अरेस्ट, 2 मिनट 14 सेकंड में खुलासा, MBA गर्लफ्रेंड गोलीकांड की कहानी और जबलपुर पुलिस
Jabalpur News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में MBA गर्लफ्रेंड की अपने दफ्तर में हत्या का प्रयास करने वाला आरोपी बॉयफ्रेंड प्रियांश विश्वकर्मा आखिरकार गिरफ्तार हो गया। पब्लिक की जुबानी भले ही उसे सरेंडर बता रही हैं, लेकिन आरोपी से बरामद हुई देसी पिस्टल के साथ पुलिस की अपनी कहानी हैं।
वारदात को अंजाम देने के बाद कई सबूत छिपाते हुए भागे आरोपी प्रियांश को पकड़ने पुलिस को काफी मशक्कत करना पड़ा। चार टीमों की मदद से वह पकड़ा गया, ऐसा पुलिस ने अपने बयान में कहा हैं। कार्रवाई की पहली कड़ी में सुआतला नरसिंहपुर के पास प्रियांश अपनी गाड़ी छोड़कर भाग गया।
सीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के बयान के मुताबिक वारदात का पता लगने के बाद ही संजीवनी नगर थाने की दो, क्राइम ब्रांच की एक और साइबर एक्सपर्ट की एक टीम आरोपी को पकड़ने में जुटी। जबलपुर समेत आसपास के जिले तक में नाकाबंदी का दावा किया गया।

चार टीमों के रहते हुए आरोपी ने नाकाबंदी को चुनौती दी और वह जबलपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर सुआतलाई पहुंच गया। वो भी कार से। फिर पुलिस की स्क्रिप्ट में यह भी शामिल हैं कि नरसिंहपुर में नाकाबंदी देख प्रियांश ने बीच रास्ते में ही गाड़ी लॉक की और छोड़कर भाग गया। जिसे पुलिस ने दूसरे दिन बरामद किया। गाड़ी लॉक थी, तो प्रियांश के घर से दूसरी चाबी बुलाई गई फिर उसे खोलकर तलाशी ली तो वारदात से संबंधित कुछ भी बरामद नहीं हुआ।
कमर में फंसी गोली
इधर लड़की के पेट में धंसी गोली, कमर तरफ पहुंच गई थी। जिससे उसकी हालत अभी भी गंभीर होने का दावा किया जा रहा हैं। लाखों-करोड़ों की प्रॉपर्टी, रेत जैसा रिस्की कारोबार करने वाले कारोबारियों के दफ्तर अमूमन सीसीटीवी कैमरों से लैस होते हैं। ताकि किसी विपरीत परिस्थिति में उसके फुटेज मददगार साबित हो। घटना के बाद आरोपी प्रियांश के दफ्तर का दूसरे दिन मुआयना किया गया तो पुलिस ने बताया था कि खून के धब्बे मिटाए गए। CCTV DVR और वारदात में इस्तेमाल हथियार लेकर आरोपी फरार हैं। घायल लड़की के मोबाइल भी लेकर वह भागा हैं।

गर्लफ्रेंड के सामने ही हथियार का प्रदर्शन क्यों?
वेदिका सिंह जब होश में आई और पुलिस के अलावा जब उसने नायब तहसीलदार को बयान दिया तो उसने साफ कहा कि प्रियांश ने ही उस पर पिस्टल से फायर किया हैं। किसी को भी घटना के बारे में न बताने दबाव डाला था। लगभग 5 घंटे तक वह कई अस्पतालों घुमाता रहा।लड़की के परिजनों समेत जानकारों के मन में भी यही बड़ा सवाल है कि लड़की के मोबाइल में ऐसा क्या था जिसे लेकर प्रियांश फरार हुआ? यह जानते हुए कि पिस्टल बंदूक जैसे हथियार का प्रदर्शन किसी के लिए भी आत्मघाती हो सकता हैं, उसके बाद कहानी में इसे शामिल किया गया।
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कहां है CCTV फुटेज की DVR?
आरोपी प्रियांश की गाड़ी सुआतलाई में जिस जगह पकड़ी गई, वहां जबलपुर से पहुंचने में लगभग दो से ढाई घंटे लगते हैं। फिर वहां गाड़ी छोड़कर वह भाग जाता हैं। तब तक यह माना जाता है कि प्रियांश सीसीटीवी फुटेज की DVR, वारदात वाला हथियार और लड़की के मोबाइल लेकर फरार हैं। कहानी में नया ट्विस्ट आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के बयान के बाद आ रहा है। जिसमें कहा जा रहा है कि प्रियांश के ऑफिस में डीवीआर नहीं थी। बरामद हथियार देसी और अवैध है।
वारदात के 72 घंटे और 2 मिनट 14 सेकंड में खुलासा
72 घंटे बाद आरोपी की हुई गिरफ्तारी का एडिशनल एसपी ने महज 2 मिनट 14 सेकंड के बयान में खुलासा कर दिया। पढ़े लिखे इंजीनियर आरोपी बिल्डर जो एक राजनीतिक पार्टी के लोगों से जुड़ा हुआ भी बताया जाता हैं, उससे यह पूछने में देरी क्यों लग रही कि सुआतलाई में गाड़ी छोड़ने के बाद वह पैदल भागा या फिर उसकी मदद के लिए जन्मदिन सेलिब्रेट करने वाले कुछ दोस्त आए थे? लड़की के मोबाइल यदि बरामद हुए है तो आरोपी के मोबाइल के साथ क्या फॉरेंसिक जांच होगी? यदि ऑफिस में DVR नहीं था तो किस आधार पर पुलिस ने डीवीआर गायब होने का दावा किया? फरारी काटने वाली जगहों के बारे में आरोपी जब बताएगा तो क्या उन लोकेशन के हिसाब से क्या सीसीटीवी फुटेज एविडेंस कलेक्ट हो सकेंगे?












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