sawan somwar 2022: उज्जैन महाकाल की तर्ज पर निकली शाही सवारी, कावड़ यात्रा में उमड़ा भक्तों का सैलाब

कोई भी तीज त्यौहार हो मप्र की संस्कारधानी में धर्म की एक अलग जागती नजर आती है। हर बार की तरह इस बार भी बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन की तर्ज पर यहाँ शाही सवारी निकालने की परंपरा निभाई गई।

जबलपुर, 25 जुलाई: त्रिकालदर्शी भगवान भोलेनाथ की भक्ति में भक्त लीन है। सावन माह में हर तरफ शिव भक्ति की गंगा बह रही है। सावन के दूसरे सोमवार को संस्कारधानी जबलपुर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन बन गया। उज्जैन की तर्ज पर शाही सवारी निकली तो ऐसा लगा मानों सवारी के साथ साक्षात महाकाल निकल रहे हो। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की सबसे लंबी 35 किलोमीटर कावड़ यात्रा भी निकली।

उज्जैन की तर्ज पर निकली शाही सवारी

उज्जैन की तर्ज पर निकली शाही सवारी

कोई भी तीज त्यौहार हो मप्र की संस्कारधानी में धर्म की एक अलग जागती नजर आती है। हर बार की तरह इस बार भी बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन की तर्ज पर यहाँ शाही सवारी निकालने की परंपरा निभाई गई। पुरातन काल के सिद्ध गुप्तेश्वर महादेव मंदिर से पालकी पर विराजमान महादेव की सवारी ने शहर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। जिन भी मार्गों से भव्य सवारी का भ्रमण हुआ, जय भोलेनाथ के जयकारों से संस्कारधानी गूंज उठी। जिस पालकी पर महादेव सवार थे, हर कोई एक बार उस पालकी को अपने कंधे पर उठाने आतुर दिखा।

संस्कारधानी में संस्कार कावड़ यात्रा

संस्कारधानी में संस्कार कावड़ यात्रा

एक तरफ जहाँ बाबा भोलेनाथ की शाही सवारी निकली तो वही प्रदेश की सबसे लंबी कावड़ यात्रा का भी आयोजन हुआ। करीब 35 किलोमीटर के लंबे सफ़र वाली इस यात्रा में नर्मदा तट ग्वारीघाट से कावड़ियों ने नर्मदा जल कावड़ भरा और नंगे पैर चलकर मटामर के कैलाश धाम पहुंचे। यात्रा में भगवान शिव, भगवान हनुमान समेत कई झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। कावडिए जैसे-जैसे आगे बढ़ते गए वैसे-वैसे उनकी शिव भक्ति की ताकत में संचार बढ़ता चला गया।

शिव के रूपों में सजे कावड़िए

शिव के रूपों में सजे कावड़िए

संस्कार कावड़ यात्रा समिति कई सालों से हर सावन में कावड़ यात्रा निकालती आ रही है। कोरोनाकाल के बाद यह पहली यात्रा थी। जिसमें शामिल होने कावड़ियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। अलग-अलग रूपों में सजे कावड़ और कावड़ियों का कारवां भक्ति की अलख जगाता आगे बढ़ता गया। शिव रूप की वेशभूषा धारण किए कुछ कावड़िए, अद्भुत छटा बिखेरते नजर आए। शहर भर में यात्रा मार्ग पर दो सौ से ज्यादा स्वागत मंच लगाए गए और भोलेनाथ के इन भक्तों का भक्ति भाव के साथ स्वागत किया गया।

शिवालयों में रही धूम किया गया अभिषेक

शिवालयों में रही धूम किया गया अभिषेक

सावन के दूसरे सोमवार को भी शहर के शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिरों में भगवान शंकर की आराधना के लिए भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। मान्यता के अनुसार शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का पूजन अर्चन और अभिषेक किया। इसके अलावा कई जगहों पर शिवलिंग निर्माण की परंपरा भी निभाई गई। आखिरी सोमवार को शहर के शिवालयों में अन्य कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।

ट्रेफिक रूट किया डायवर्ट

ट्रेफिक रूट किया डायवर्ट

सावन के महीने में निकाले जाने वाली शाही सवारी और कावड़ यात्रा संस्कारधानी की शान बन गई है। जिन मार्गों से यह यात्रा-सवारी निकली उन मार्गों से ट्रेफिक को पहले ही डायवर्ट कर दिया गया था। प्रशासन ने भी इस दौरान विशेष इंतजाम किए थे। जगह-जगह बेरिकेडिंग की गई थी और सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा वाले मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। कई घंटों तक चला यह आयोजन शांतिपूर्ण रहा।

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